डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर यूपीए सरकार से अलग हो चुकीं तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी सोमवार को जंतर मंतर से हुंकार भरेंगी।
माना जा रहा है कि केंद्र के हाल के फैसलों को जनविरोधी करार दे चुकीं ममता अपनी पार्टी की रैली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधने का भी कोई मौका नहीं छोड़ेंगी। वहीं, केंद्र पर लगातार हमले बोल रहीं ममता पर रविवार को केंद्रीय मंत्री वी नारायणसामी ने पलटवार किया। सामी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ममता के सत्ता में आने के बाद से वहां कोई औद्योगिक विकास नहीं हुआ है।
यूपीए सरकार से नाता तोड़ने के बाद ममता पहली बार दिल्ली में केंद्र के खिलाफ हल्ला बोलने जा रही हैं। तृणमूल के सांसद केडी सिंह ने कहा कि जंतर मंतर पर रैली करने का ममता का फैसला अभूतपूर्व है। इसके जरिए केंद्र सरकार पर रिटेल में एफडीआई, डीजल के दामों में बढ़ोतरी और सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या तय करने के फैसलों को वापस लेने का दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र के इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर आम आदमी पर पड़ा है।
आम आदमी के हित में यूपीए से समर्थन वापस लेना पहला कदम था। अब जब तक सरकार अपने जनविरोधी फैसले वापस नहीं लेती है, तब तक उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए जाते रहेंगे। मालूम हो कि ममता ने शनिवार को ही कहा था कि सरकार सुधारों और आम आदमी के नाम पर लूट में लगी हुई है।
वहीं, तृणमूल नेता मुकुल राय ने दोहराया कि सरकार ने एफडीआई के मुद्दे पर उनकी पार्टी की राय नहीं ली थी। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि यदि भाजपा एफडीआई के खिलाफ संसद में प्रस्ताव लाती है तो क्या तृणमूल उसका समर्थन करेगी तो इस सवाल का उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। इस बीच, पार्टी के कार्यकर्ता और नेता कोलकाता से दिल्ली पहुंच गए हैं। प्रदर्शन में तृणमूल के सभी सांसद मौजूद रहेंगे।
वहीं, पीएमओ में राज्य मंत्री नारायणसामी ने कहा कि ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से पश्चिम बंगाल में न तो औद्योगिक विकास हुआ है और न ही वहां नए रोजगार पैदा हुए हैं। एक राज्य में ऐसा हो सकता है लेकिन केंद्र सरकार इस तरह नहीं कर सकती है। केंद्र सरकार को लोगों की उम्मीदों को पूरा करने के लिए कदम उठाने ही होते हैं।
केंद्र सरकार सुधारों और आम आदमी के नाम पर लूट में लगी हुई है। हम जनता की आवाज बुलंद करते रहेंगे, ताकि सरकार अपने फैसलों पर फिर से विचार करे।
ममता बनर्जी ने हाल में कहा था
ममता बनर्जी के सत्ता में आने के बाद से पश्चिम बंगाल में न तो औद्योगिक विकास हुआ है और न ही वहां नए रोजगार पैदा हुए हैं।
वी नारायणसामी, पीएमओ में राज्य मंत्री
किन मुद्दों पर है विरोध
रिटेल में एफडीआई
डीजल के दामों में बढ़ोतरी
रसोई गैस के सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या तय करने
ट्रेन के एसी कोच के किराए पर सर्विस टैक्स लगाने के फैसले का भी होगा विरोध