रिटेल में एफडीआई समेत केंद्र की कथित जनविरोधी नीतियों से नाराज तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने शुक्रवार को यूपीए-2 और सरकार से नाता तोड़ लिया। यूपीए सरकार में शामिल तृणमूल के सभी छह मंत्रियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया। 19 सांसदों वाली तृणमूल के यूपीए सरकार में एक कैबिनेट मंत्री समेत छह मंत्री शामिल थे
डीजल मूल्य वृद्धि और रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर सरकार के फैसला बदलने से इनकार के बाद बृहस्पतिवार को कोलकाता में ममता ने यह ऐलान किया था। मालूम हो कि ममता ने रिटेल में एफडीआई का फैसला वापस लेने, सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या 24 करने और डीजल की कीमतों में तीन से चार रुपये की कटौती करने की मांग की है।