नई दिल्ली स्थित योजना आयोग दफ्तर के बाहर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और वित्त मंत्री अमित मित्रा के साथ बदसलूकी का मामला गरमा गया है।
ममता ने पत्रकारों से कहा, 'इस घटना के बाद यह साबित हो गया कि दिल्ली सुरक्षित नहीं है। सब कुछ पहले से नियोजित था और साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया। इस घटना के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खेद जताया है।'
ममता बनर्जी ने राजधानी में अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। वे बुधवार दोपहर बाद विशेष विमान से कोलकाता वापस लौट जाएंगी।
'माफी मांगनी चाहिए सीपीएम को'
इधर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल एमके नारायणन ने कहा है कि इस घटना के लिए सीपीएम पोलित ब्यूरो को माफी मांगनी चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि एक खास साजिश के तहत ममता और उनके मंत्री के साथ बदसलूकी की गई। उन्होंने इसकी निंदा की और इसे लोकतंत्र के लिए काला धब्बा बताया।
वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी(माकपा) ने प्रदेश के राज्यपाल एमके नारायणन के इस बयान की कड़ी आलोचना की है।
अमित मित्रा का कुर्ता भी फाड़ा
इससे पहले मंगलवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने वित्तमंत्री अमित मित्रा के साथ बदसलूकी करते हुए उनका कुर्ता तक फाड़ दिया। ममता के शहरी विकास मंत्री फरहाद हाकिम के साथ भी हाथपाई की गई।
इस हमले से ममता सख्त नाराज हो गईं। ममता का गुस्सा योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया के सामने ही फूट पड़ा। उन्होंने पर्याप्त सुरक्षा नहीं देने को लेकर केंद्र सरकार पर तीर चलाए और दोबारा दिल्ली न आने धमकी दे डाली।
ममता अपने मंत्रियों को साथ लेकर राज्य की वार्षिक योजना पर चर्चा करने आई थीं। यह खबर माकपा की छात्र इकाई एसएफआई के लोगों को लग गई।
बीते दिनों पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ता सुदीप्तो गुप्ता की मौत से गुस्साए प्रदर्शनकारियों के समूह ने तीनों नेताओं की कार को घेर लिया।
पुलिस की सलाह ममता ने अनसुनी की
इस दौरान पुलिस ने दोनों नेताओं को कार से न उतरने की सलाह दी, लेकिन इसकी परवाह न करते हुए ममता कार से उतर गईं। मित्रा भी उनके पीछे उतर गए। उनके कार से उतरते ही प्रदर्शनकारियों ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
पुलिस ने तुरंत ममता को अपने घेरे में ले लिया लेकिन धक्का-मुक्की और हाथापाई में अमित मित्रा का कुर्ता फट गया।
संसद भवन से महज चंद मीटर की दूरी पर स्थित योजना भवन के पास हुई इस घटना से तिलमिलाई ममता ने न केवल वाम दलों को खरी खोटी सुनाई, बल्कि योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया और उन्हें समझाने आए केंद्रीय योजना राज्य मंत्री राजीव शुक्ला से भी उलझ पड़ीं।
कोलकाता में तोड़फोड़
वहीं, इस घटना ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बदले की कार्रवाई करते हुए राज्य में कई जगहों पर वाम दलों के कार्यालय में तोड़फोड़ की।