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'क्या मोदी भगवान हैं जो दर्शन देकर चले गए'

Thu, 24 Jul 2014 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को वाकपटुता और हाजिर जवाबी का धनी माना जाता है। बुधवार को लोकसभा में उन्होंने इसी काबिलियत का परिचय देते हुए कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को चारो खाने चित कर दिया।
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खड़गे ब्रिक्स सम्मेलन पर जवाब नहीं देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की तैयारी में थे। पीएम प्रश्न काल में आए, लेकिन इसके बाद चले गए। खड़गे इसी को मुद्दा बना रहे थे। लेकिन सुषमा स्वराज ने अपने जवाब से खड़गे को यह कहने पर मजबूर कर दिया कि सभी जानते हैं कि उनमें जवाब देने की क्षमता है और वह सभी को इसी के बल पर संतुष्ट कर देती हैं।

खड़गे ने सरकार को घेरने के लिए सदन में कहा कि ऐसा क्या हो गया कि पीएम खुद ब्राजील गए, लेकिन विदेश मंत्री को साथ नहीं ले गए। वह प्रश्न काल में आए, लेकिन दर्शन देकर चले गए। वह तो उनका हिंदी के सुंदर शब्दों का भाषण सुनना चाहते थे।
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लोकसभा ने खड़गे को सुषमा का जवाब

इस पर सुषमा ने जवाब दिया कि वह बताना चाहती हैं कि पीएम छठे ब्रिक्स सम्मेलन में ब्राजील गए। लेकिन इससे पहले जो भी पांच सम्मेलन हुए उनमें डॉ. मनमोहन सिंह को जाने का मौका मिला। लेकिन एक बार भी उन्होंने लोकसभा में जवाब नहीं दिया। हां, 2010 में यूपीए सरकार के विदेश मंत्री ने जरूर लोकसभा में जवाब दिया लेकिन उस दौरान इप्सा की बैठक थी। रही बात उन्हें साथ ले जाने की तो डॉ. मनमोहन भी अपने साथ किसी भी ब्रिक्स सम्मेलन में विदेश मंत्री को लेकर नहीं गए। यहां तक दिल्ली में भी यह सम्मेलन हुआ, लेकिन विदेश मंत्री नहीं गया।

सुषमा ने कहा कि पीएम मोदी उन्हें जरूर ब्राजील ले जाना चाहते थे। लेकिन संसद का सत्र होने के चलते वह उनके साथ नहीं गईं। रही बात पीएम के मधुर भाषण की तो राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान उन्होंने इसी सदन में सुंदर भाषण दिया था। उसे उन्होंने जरूर सुना होगा। और बात करें सदन में आने की तो उन्होंने प्रश्न काल में आकर अपना चेहरा भी दिखा दिया।

सुषमा के जवाब से निरुत्तर खड़गे को यह कहना पड़ा कि जो हमने किया वह आप कर रहे हैं। फिर हममें और आप में फर्क क्या रह गया। क्या पीएम भगवान हैं, जो आए और दर्शन देकर चले गए। इसके बाद विदेश मंत्री ने ब्रिक्स सम्मेलन पर जवाब भी दिया।
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