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पूर्व राष्ट्रपति को कुछ इस तरह घसीटकर लाया गया कोर्ट

Tue, 24 Feb 2015 11:10 AM IST
एजेंसी/माले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से पहले आतंकवाद निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किए गए मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद के साथ सोमवार को सुरक्षाकर्मियों की बदसलूकी की।
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उन्हें खींचकर किसी अपराधी की तरह कोर्ट में ले जाया गया। जहां कोर्ट ने कहा कि नाशीद तब तक जेल में रहेंगे, जब तक कि उनके मामले का निपटारा नहीं हो जाता। इस खींचतान में नाशीद को हल्की चोटें भी आईं।

सुनवाई के बाद नाशीद को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। 2012 में राष्ट्रपति रहने के दौरान एक वरिष्ठ न्यायाधीश की गिरफ्तारी का आदेश देने के आरोपों का सामना कर रहे विपक्षी नेता नाशीद को रविवार को गिरफ्तार किया गया था। उनके इस आदेश के बाद से देश में हिंसा भड़क उठी थी।
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घसीटने से फटी पूर्व राष्ट्रपति की शर्ट

47 वर्षीय नाशीद को सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जब कोर्ट ले जाया जा रहा था, रास्ते में वह अचानक गिर पडे़।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ‘नाशीद जमीन पर गिर पडे़, जिसके बाद उनकी सुरक्षा में लगे विशेष अभियान के अधिकारी उन्हें जबरन खींचकर कोर्ट में ले गए। इस वजह से नाशीद की शर्ट भी फट गई। हालांकि नाशीद इस दौरान बार-बार कहते रहे कि वह खुद चलकर कोर्ट में जाना चाहते हैं। इसके लिए उन्हें पकड़ने की जरूरत नहीं है।’

कोर्ट में जज ने आदेश दिया कि उन्हें तब तक जेल में रखा जाए, जब तक कि उन पर चल रहा मामला खत्म नहीं हो जाता। सूत्रों के मुताबिक, नाशीद के वकील कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ अपील करेंगे। नाशीद ने इसी मामले के चलते फरवरी 2012 में इस्तीफा दे दिया था। वह देश के पहले राष्ट्रपति थे, जिन्हें लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुना गया था।
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भारत ने जताई चिंता

मालदीव में चल रही सियासी उठापटक पर भारत ने सोमवार को चिंता जताई है। खास तौर पर पूर्व राष्ट्रपति नाशीद के साथ कोर्ट ले जाते समय हुए दुर्व्यवहार को लेकर।

भारत ने कहा है कि देश में जो भी मतभेद हैं, उनका संवैधानिक तरीकों से हल निकाला जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुदद्दीन ने कहा, ‘हम मालदीव में पूर्व राष्ट्रपति नाशीद के साथ दुर्व्यवहार समेत जो गतिविधियां चल रही हैं, उन्हें लेकर काफी चिंतित हैं।

हमारा आग्रह है कि हालात को शांत रखा जाए और मालदीव कानून व संविधान के दायरे में रहकर मतभेदों को सुलझाया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि भारत बार-बार कहता रहा है कि शांति, विकास, समृद्धि और लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए वह मालदीव और वहां की जनता के साथ है।
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