रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपना दूसरा और राजग सरकार का तीसरा रेल बजट पेश कर दिया। बजट में आम आदमी की कुछ उम्मीदें पूरी हुई तो कुछ मायूसी भी हाथ लगी। हालांकि पहले रेल बजट की अपेक्षा इस बजट में प्रभु ने बुनियादी सुविधाओं को सुधारने और सफर को सुगम बनाने पर ध्यान दिया है।
मसलन, ट्रेनों में एलईडी डिस्प्ले और एफएम जैसी सुविधाएं देने पर भी चर्चा हुई तो गूगल की मदद से 400 स्टेशनों पर वाईफाई जैसी सुविधाएं देने का भी जिक्र किया गया। प्रभु के इस बजट पर मोदी के विजन डिजिटल इंडिया की तो छाप दिखाई दी लेकिन उनके महत्वाकांक्षी अभियान मेक इन इंडिया को इस बार पूरी तरह भुला दिया गया।
बजट में जिन आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने का जिक्र किया गया उनका विकास विदेशी या अन्य बाहरी मदद से ही किया जाएगा, मेक इन इंडिया से नहीं।