रेल बजट की तमाम घोषणाएं लोगों के बीच चर्चा में हैं। खासकर महिलाओं के बीच सबसे अधिक जिक्र किसी बात का हो रहा है तो वह ‘जननी सेवा’ का लेकिन यह बहुत ही कम लोगों को पता होगा कि रेलवे की इस महत्वपूर्ण योजना का आधार वाराणसी निवासी एक महिला का ट्विट बना। उस ट्विट के बाद रेल मंत्री के निर्देश पर बच्चे के लिए महिला को ट्रेन में दूध उपलब्ध कराया गया था।
दरअसल, वाराणसी निवासी सत्येंद्र कुमार यादव पत्नी और बच्चे के साथ 10 दिसंबर को मंडुवाडीह से नई दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने अपना रिजर्वेशन मंडुवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट में कराया था। कोहरे के चलते अपने निर्धारित समय से काफी देरी से ट्रेन रवाना हुई।
ट्रेन का समय रात साढे दस बजे था लेकिन यह ट्रेन चार घंटे विलंब से रात ढाई बजे मंडुवाडीह से चली थी। रास्ते में दूध खत्म होने पर सत्येंद्र की पत्नी ने सहयात्री के स्मार्ट फोन से रेल मंत्री सुरेश प्रभु को ट्विटर पर मैसेज भेजा।