आंध्र प्रदेश में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की रिफाइनरी में शुक्रवार को भीषण आग लग गई।
इस घटना में आग से जलकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 37 लोग झुलस गए।
झुलसे लोगों को आईएनएस कल्याणी और निकट के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इनमें से चार की हालत गंभीर बनी हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने हादसे पर दुख जताया है।
आग शाम चार बजे के लगी और काफी देर बाद ही उस पर काबू पाया जा सका। शहर के सभी दमकलकर्मियों को आग बुझाने के काम में लगा दिया गया था।
एचपीसीएल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुबीर रॉय चौधरी ने बताया कि हमें आग लगने की सही वजहों का अभी तक पता नहीं चला है।
विशाखापटनम पुलिस आयुक्त बी शिवधर रेड्डी के मुताबिक, ‘आग पर काबू पा लिया गया है। लकड़ी के नए बने कूलिंग टावर में आग लगने से यह हादसा हुआ।’
जबकि सूत्रों के मुताबिक पहले यह माना जा रहा था कि शॉर्ट सर्किट की वजह से रिफाइनरी के कूलिंग टावर में विस्फोट हो गया, जिससे यह आग लगी। दरअसल यह टावर रिफाइनरी के डीजल हाइड्रो डिसल्फ्यूराइजेशन यूनिट का एक हिस्सा था।
हादसे के बाद इलाके के निवासियों में डर और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। एचपीसीएल रिफाइनरी के निदेशक बीके नामदेव ने बताया कि रिफाइनरी की बाकी सभी इकाइयां सुरक्षित हैं।
मगर एहतियात के तौर पर हमने कुछ इकाइयों को बंद कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि जख्मी लोगों को मुआवजे समेत सभी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।