उत्तर भारतीयों के खिलाफ जहर उगलने वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एक बार फिर मराठी अस्मिता का राग अलापा है। इस बार मनसे के निशाने पर उत्तर भारतीय नहीं बल्कि गुजराती भाषी हैं।
मनसे ने प्राइमटाइम पर सिर्फ मराठी फिल्में दिखने की मांग उठाई है। मनसे के मराठी अस्मिता के इस राग से मुंबई में मराठी बनाम गुजराती विवाद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद मनसे मराठी मुद्दे पर थोड़ा शांत पड़ गई थी, लेकिन मुंबई से सटे कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका चुनाव को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर मराठी अस्मिता का कार्ड खेला है। मनसे ने मुंबई के सिनेमा थियेटर मालिकों से कहा है कि वे प्राइमटाइम में गुजराती और दूसरी भाषाओं की फिल्में न दिखाएं।