जरूरतमंदों की आवाज सुनने के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने एक अनोखी नजीर पेश की है। हाईकोर्ट ने एक मामले में जल्द सुनवाई की आवश्यकता को देखते हुए पहली बार इंटरनेट वॉइस कॉलिंग सेवा ‘स्काइप’ के जरिये मामले की सुनवाई की और फैसला सुनाया।
दरअसल तमिलनाडु के रामनाथपुरम के एक चर्च में शादी करने जा रहे एक जोड़े ने पुलिस द्वारा सुरक्षा न देने पर अर्जेंट पेटीशन दाखिल की थी, लेकिन दिवाली की छुट्टी होने की वजह से कोर्ट में कोई भी जज उपलब्ध नहीं था। ऐसे में हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज वी. रामासुब्रमण्यन ने मामले की तत्कालिकता को देखते हुए हाईकोर्ट की मदुरै बेंच के न्यायाधीश एस. वैद्यनाथन को सुझाव दिया कि वे स्काइप के जरिये चेन्नई स्थित अपने घर से ही मामले की सुनवाई करें।