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मोदी की 'बहन' के खिलाफ मोदी की फैन?

Mon, 23 Jun 2014 06:45 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की धुर समर्थक मानी जाने वालीं मधु किश्वर ने एक बार फिर से केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधा है। उन्होंने स्मृति को लेफ्ट का एजेंट करार दिया है।
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ये लगातार दूसरी बार है जब मधु किश्वर ने स्मृति पर सवाल खड़े किए हैं।

इससे पहले किश्वर ने स्मृति ईरानी को मानव संसाधन मंत्रालय दिए जाने को लेकर पर सवाल उठाए थे। उस समय किश्वर ने ट्वीट करके स्मृति की शैक्षिक योग्यता पर सवाल उठाए थे।

डीयू-यूजीसी विवाद पर उठाए सवाल

इस बार किश्वर ने स्मृति ईरानी पर यूजीसी और दिल्ली विश्वविद्यालय के बीच चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स को लेकर जारी विवाद को लेकर निशाना साधा है।

दरअसल डीयू में चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स पर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (यूजीसी) ने सख्त रुख अपनाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और उसके सभी कॉलेजों को आदेश दिया है कि सत्र 2014-15 के सभी एडमिशन तीन साल के कोर्स में ही लिए जाएं।

ऐसा नहीं करने वाले कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसी मुद्दे पर किश्वर ने रविवार को मानव संसाधन मंत्री पर निशाना साधते हुए कई ट्वीट किए।

'स्मृति लेफ्ट की एजेंट'

मधु किश्वर ने लिखा, "लेफ्ट लॉबी इससे बहुत खुश होगी कि बीजेपी की मानव संसाधन मंत्री उनका एजेंडा पूरा करते हुए डीयू के वाइस चांसलर को पीछे धकेलने में कामयाब रही, जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की कोशिश की थी। ऐसा लगता है जैसे सीपीएम की नंदिता नारायण और करात ने मानव संसाधन मंत्रालय पर अपना कब्जा जमा लिया है।"

इसके बाद उन्होंने ट्वीट किया, "अगर मानव संसाधन मंत्री वाकई में दिल्ली विश्वविद्यालय में कोई बदलाव लाने की सोच रही हैं तो वह दलगत राजनीति से परे समीक्षा समिति का गठन करें और उसके जरिए इसमें बदलाव की कोशिश करें।"

'डीयू के कुलपति का समर्थन'

इतना ही नहीं किश्वर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के वीसी दिनेश सिंह का खुला समर्थन करते हुए एक और ट्वीट किया, "देश में कई विश्वविद्यालयों के कुलपति (वीसी) अक्षम हैं। लेकिन मानव संसाधन मंत्री ने डीयू के वीसी को ही चुना, जो खुद शिक्षा के मानकों को बेहतर करने की कोशिश में गंभीर हैं।"

इससे पहले 20 जून को किश्वर ने ट्वीट में लिखा था, "लेफ्ट को यूजीसी की ओर से जीत का बड़ा उपहार मिला है, जिसमें यूजीसी ने डीयू से चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स को हटाने के लिए कहा था। इससे साफ होता है कि बीजेपी की अपनी कोई शिक्षा नीति नहीं है।"

पहले भी कर चुकी हैं स्मृति का विरोध

कुल मिलाकर मधु किश्वर ने अपने ट्वीट के जरिए एक बाद एक कई सवाल केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी से किए हैं।

इससे पहले किश्वर ने स्मृति पर उस समय भी सवाल खड़े किए थे जब उन्हें मोदी मंत्रीमंडल में मानव संसाधन विकास मंत्री बनाया गया था।

उस समय किश्वर ने कहा था, "स्मृति महज 12वीं पास हैं। वह फैशन मॉडल बनने गईं और टीवी सीरियल की बहू बनीं। क्या भारत का शिक्षा मंत्री बनने के लिए यही शैक्षिक योग्यता होती है? ये चौंकाने वाला नहीं होगा अगर स्मृति की खास योग्यता के मद्देनजर उन्हें डिप्टी पीएम बना दिया जाए।"
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शिक्षा को लेकर उठाए थे सवाल

इसके साथ ही उन्होंने स्मृति की शिक्षा को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था, "स्मृति प्राइवेट से बीकॉम फर्स्ट ईयर पास होने का दावा करती हैं, लेकिन ऐसी कोई डिग्री उनके पास नहीं है। यानी उन्होंने बस एडमिशन लिया और पढ़ाई छोड़ दी। चुनाव में दिए अपने एफिडेविट में उन्होंने गलत जानकारी दी।"

अब देखना होगा मोदी समर्थक मानी जाने वाली मधु किश्वर के सवालों पर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का क्या जवाब होगा?
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