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मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे नए सीएम

Tue, 30 Sep 2014 08:50 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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तमिलनाडु के नवनियुक्त मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने अम्मा के प्रति जबरदस्त वफादारी का एक अनोखा नमूना पेश किया है।
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भृष्टाचार के मामले में जेल में बंद एआईएडीएमके प्रमुख और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के बहुत ही विश्वासपात्र मंत्री ओ पनीरसेल्वम को मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने जयललिता के प्रति वफादारी दिखाते हुए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने से ही मना कर दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने मुखमंत्री के लिए विशेष चेंबर में भी जाने से मना कर दिया है।
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सीएनएन-आईबीएन की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री का कहना है कि वह अपने पुराने ऑफिस से ही मुख्यमंत्री का कार्यभार देखेंगे।
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2001 में भी ऐसा कर चुके हैं पनीर सेल्वम

गौरतलब है कि पनीरसेल्वम पहली बार मुख्मंत्री की कुर्सी पर बैठने से नहीं मना कर रहे बल्कि इससे पहले भी वह ऐसा कर चुके हैं।

2001 में एक घोटाले को लेकर जयललिता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद भी पनीरसेल्वम को छः महीनों के लिए मुख्यमंत्री का कार्यभार सौंपा गया था लेकिन वह बिना मुख्यमंत्री की कुर्सी में बैठे ही सरकार चलाते रहे थे।

मुख्यमंत्री बनने से पहले पनीरसेल्वम राज्य के वित्तमंत्री के पद पर थे। इन्हें जयललिता का बहुत खास मंत्री माना जाता है।

इस बार पनीरसेल्वम जयललिता को सजा मिलने से इतना दुखी हुए क‌ि मुखमंत्री की शपथ लेते वक्त उनके आंसू नहीं रुक रहे थे।
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