विशुद्घ विज्ञान के बजाय गल्प और कथाओं पर चर्चा कर पिछले वर्ष विवादों में रही विज्ञान कांग्रेस इस वर्ष भी विवादों को न्योता दे सकती है। मैसूर में हो रही विज्ञान कांग्रेस में जिन मुद्दों पर चर्चा होनी है, उनमें 'भगवान शिव' और हिंदू कर्मकांडों में इस्तेमाल होने वाली 'शंख' को भी शामिल किया गया है।
विज्ञान कांग्रेस में पर्यावरण विज्ञान के तहत एक पेपर पढ़ा जाना है, जिसका विषय है- 'भगवान शिव विश्व के सबसे महान पर्यावरणविद'। मध्य प्रदेश प्राइवेट यूनिवर्सिटी, रेगुलेटरी कमीशन, भोपाल के चेयरमैन अखिलेश के पांडेय ये पेपर पढ़ेंगे।
मुंबई मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर के एब्सट्रैक्ट में दावा किया गया है कि हिंदू धर्म बहुत पहले ही स्वच्छ वातावरण की बात समझ चुका था। ये पेपर जिस सत्र में पढ़ा जाएगा, उसमें विभिन्न शहरों में हवा की गुणवत्ता पर चर्चा होनी है।