एफडीआई और प्रमोशन में आरक्षण के मुद्दों को लेकर हंगामापूर्ण रहा लोकसभा का शीतकालीन सत्र बृहस्पतिवार को हंगामे के बीच ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।
22 नवंबर से शुरू हुए इस सत्र की शुरुआत ही हंगामे से हुई। इन दोनों मुद्दों को लेकर कार्यवाही कई दिन बाधित हुई। विपक्ष के दबाव में सरकार को मल्टी ब्रांड खुदरा व्यापार में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति के मुद्दे पर मतदान के प्रावधान वाले नियम 184 के तहत चर्चा करानी पड़ी, जिसमें अंतत: सरकार का पलड़ा भारी रहा।
इसके अलावा सरकार बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक पारित कराने में सफल रही। सरकार भूमि अधिग्रहण विधेयक भी पारित कराना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की मांग पर इसे अगले सत्र के लिए टाल दिया गया। विपक्ष का कहना था कि इस अहम विधेयक को सरकार सत्र के अंतिम दिनों में ला रही है और उसे इसके अध्ययन का पर्याप्त समय नहीं दिया गया है।