उत्तरप्रदेश में अलीगढ़ जिला अस्पताल में कार्यरत कुछ कर्मियों ने रविवार को दो घायलों को मृत बता कर पुलिस को मेमो भेज दिया, मेमो में दोनों के शवों को लेकर जाने की बात कही गई थी, जबकि हकीकत में दोनों जिंदा थे।
इस प्रकरण से अस्पताल की संवेदनशीलता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। बीती 20 अगस्त को खैर तहसील के सोफा गांव में अलीगढ़ पलवल रोड पर एक घुमंतू व्यक्ति को एक वाहन सवार ने टक्कर मार दी थी।
सीएचसी खैर के बाद जिला अस्पताल के वार्ड नंबर छह बेड नंबर चार पर इसको भर्ती कराया गया और इलाज शुरू हो गया। घायल अपना नाम पता नहीं बता सके इसलिए इसके परिजनों का कोई पता नहीं चला।
इसी बेड के ठीक पास एक अन्य एक्सीडेंट के घायल को भर्ती कराया गया। दूसरा घायल अपना नाम मोहित और निवास स्थान के नाम पर दुबे का पड़ाव बता रहा था। इन दोनों को जब खाना पीना भी नहीं मिला तो इनकी हालात और खराब हो गई। दोनों बेहोश हो गए।