फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आजमगढ़: तिहरे हत्याकांड में 14 को उम्रकैद

Wed, 25 Feb 2015 02:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी में आजमगढ़ के जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनिकाडीह में 17 वर्ष पूर्व खेत पर कब्जे के विवाद में तीन लोगों की हत्या के मामले में 14 दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सभी पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। कुल 16 आरोपियों में से दो की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।
विज्ञापन


जीयनपुर कोतवाली क्षेत्र के मनिकाडीह गांव में 23 अप्रैल 1998 की शाम करीब पांच बजे खेत पर कब्जा करने के विवाद में दो पक्षों में गोलियां चलने से एक पक्ष से चंद्रधर सिंह और दूसरे पक्ष से राजदेव और उनके पुत्र रामचंद्र यादव की मौत हो गई थी। चंद्रधर की तरफ से हरेंद्र सिंह ने जीयनपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने प्रकाश यादव, ध्यानचंद, चंद्रिका, अमेरिका, विजयी, सुबाष, रामचंदर और रामदास को आरोपी बनाया था।

आरोप लगाया कि ये लोग खेत पर कब्जा कर रहे थे, विरोध करने पर असलहे से हमला कर दिया। इसमें चंद्रधर की गोली लगने से मौत हो गई।

राजदेव और रामचंद्र के तरफ से जयप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें उन्होंने सत्यदेव, लालसा, सुरेश, रणधीर, रामनगीना, अमरनाथ, योगेंद्र और हरेंद्र को नामजद किया। आरोप लगाया कि घटना के समय उनके परिवार के राजदेव और रामचंद्र मनिकाडीह बाजार स्थित मकान से गांव स्थित पैतृक आवास जा रहे थे। तभी जमीन के मुकदमे की रंजिश में आरोपियों ने घेर कर हमला कर दिया। जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके पिता राजदेव की लाइसेंसी बंदूक छीनकर हमला किया।
विज्ञापन


इसमें उनके पिता और भाई रामचंद्र की गोली लगने से मौत हो गई। जीयनपुर कोतवाली पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने अपने तर्क रखे। सत्र न्यायाधीश ने सुनवाई के बाद सजा का निर्धारण किया।

अपर सत्र न्यायाधीश लोकेंद्र कुमार राठी ने सोलह में से 14 आरोपियों के दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गौरतलब है कि  दो आरोपी रामचंदर और रामदास की मुकदमे के दौरान ही मौत हो गई थी।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें