1999 के बाद आए सबसे जबरदस्त तूफान ‘फैलिन’ अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। इससे सबसे ज्यादा प्रभावित ओडिशा का गंजम जिला हुआ है।
यहां तीन दिन बाद भी जनजीवन अस्त व्यस्त है। अभी तक बिजली की आपूर्ति और संचार व्यवस्था बहाल नहीं हो
पाई है। साथ ही बैंक और अन्य सार्वजनिक कार्यालय भी बंद पड़े हुए हैं।
शनिवार रात को आए तूफान के चलते सैकड़ों की संख्या में बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिर गए थे,
जिसके बाद से बिजली आपूर्ति ठप पड़ी हुई है।
साथ ही टेलीफोन लाइनें और इंटरनेट सेवा भी बंद पड़ी है। वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंपों पर ईंधन के लिए लंबी-लंबी
लाइनें नजर आईं।
स्थानीय निवासी प्रमोद जेना का कहना है कि पिछले चार दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।
अब तो इनवर्टर भी जवाब दे गए हैं और जेनरेटर चलाने के लिए आसानी से डीजल नहीं मिल रहा है।
बिजली नहीं होने के चलते म्यूनिसिपल कारपोरेशन की ओर से पानी की सप्लाई भी नहीं हो रही है। जिला के कलेक्टर कृष्ण कुमार का कहना है कि बिजली लाइनों और सब स्टेशनों को ठीक करने का काम तेजी से किया जा रहा है।
जिले में बिजली की समस्या है। बिजली आपूर्ति के बहाल होने में एक या दो दिन लग जाएंगे। बैंक शाखाएं और एटीएम भी बंद पड़े हैं। हालांकि स्थानीय बाजारों में दूध, सब्जियों की आपूर्ति होना शुरू हो गई है लेकिन इनकी कीमतें बहुत अधिक हैं।
पीड़ितों के लिए सहायता का ऐलान किया
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को तूफान प्रभावितों के लिए अनुग्रह राशि का ऐलान किया। फैलिन तूफान में मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर
ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। फैलिन तूफान के बाद भारी बारिश के चलते पांच जिले बाढ़ की चपेट में हैं। साथ ही राज्य की कई नदियां उफान पर हैं।
बालासोर और जाजपुर जिलों में बाढ़ में अभी भी 75000 लोग फंसे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर झारखंड में दामोदर वैली कारपोरेशन का पंचेत डैम खतरे के निशान को पार कर गया है।
राहत और बचाव का कार्य चल रहा है। तूफान और बाढ़ के चलते ओडिशा में 16000 गांवों के 1.2 करोड़ से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बाढ़ प्रभावित बालासोर, जाजपुर, भद्रक और मयूरभंज जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
राज्य में आई आपदा के चलते पटनायक ने बुधवार को अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है।
क्योंझर में बाढ़ के हालात हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री का कहना है कि 625408 हेक्टेयर इलाके में खड़ी
फसल नष्ट हो गई है और 333070 घरों को नुकसान पहुंचा है।
भारी बारिश से पुरुलिया में 10 हजार लोग प्रभावित
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में भारी बारिश के चलते कम से कम 10 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार, 2000 घर पूरी तरह से तबाह हो गए और 1500 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है।
फैलिन तूफान के चलते यहां कच्चा घर गिरने से एक 8 साल की बच्ची की मौत हो गई और उसकी मां घायल हो
गई।
तूफान ने ली प्रवासी पक्षियों की भी जान फैलिन तूफान ने प्रवासी पक्षियों को भी नहीं छोड़ा। तूफान की चपेट में आकर साइबेरिया से आए 1000 से अधिक पक्षी मारे गए, जबकि कई अपने घरों से महरूम हो गए।
ये पक्षी हर साल जून में यहां प्रवास के लिए आते हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेलू कुंची में
स्थानीय स्कूली इमारत में अस्थायी शेल्टर बनाकर कुछ पक्षियों की जान बचाने की कोशिश की जा रही है।
श्रीकाकुलम के डिवीजनल वन अधिकारी बी विजय कुमार का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के चलते पक्षियों के प्रवास चक्र भी प्रभावित होगा और इसका असर प्रवासी पक्षियों के अगले साल आने पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि तूफान और उसके बाद अब तक 1000 से अधिक पक्षी मारे गए हैं।