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आतंकी सज्जाद का खुलासा, बदले के लिए लश्कर ने भेजे आतंकी

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लश्कर आतंकी नावेद के बाद कश्मीर में जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकवादी सज्जाद के खुलासे ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सज्जाद ने पूछताछ में बताया कि वह खुद बलूचिस्तान का रहने वाला है और लश्कर में उस इलाके से लड़कों की भर्ती हो रही है।
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खुफिया एजेंसी के उच्चपदस्थ सूत्र ने अमर उजाला को बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगे के बाद भारत-नेपाल सीमा पर लश्कर के दो फिदायीन पकड़े गए थे जो बलूचिस्तान के थे। इन्हें लश्कर ने कम से कम 55 हिंदुओं को मार कर दंगे का बदला लेने के लिए भेजा था।

सूत्रों के मुताबिक इस घटना के मद्देनजर सज्जाद के खुलासे ने पाकिस्तान मामले से जुड़े रणनीतिकारों की परेशानी बढ़ा दी है। पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत परंपरागत रूप से भारत समर्थक रहा है। यह प्रांत इस्लामाबाद की भारत विरोधी नीति से इत्तफाक नहीं रखता। लिहाजा इस इलाके से लश्कर जैसे खतरनाक आतंकी संगठन में भर्ती भारतीय एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
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लश्कर में भर्ती होने से पहले मजदूरी

सूत्रों के मुताबिक लश्कर में ज्यादातर पाक पंजाब प्रांत से लड़के हैं। इसके अलावा फाटा और सिंध प्रांतों से भी शामिल होने वाले लड़कों की संख्या ठीक ठाक है। लेकिन बलूचिस्तान से पाक आतंकी संगठनों में भर्ती होना एजेंसियों के लिए नई बात है।

22 साल के सज्जाद ने पूछताछ में बताया है कि वह लश्कर में भर्ती होने से पहले मजदूरी करता था। लश्कर की ट्रेनिंग के बाद उसे चार साथियों के साथ उत्तरी कश्मीर के रफियाबाद इलाके में बड़ा ठिकाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह इलाका नियंत्रण रेखा से करीब 20 किलोमीटर दूर है।

सज्जाद के मुताबिक उसके पिता रोजगार के लिए पंजाब के मुल्तान के पास मुजफ्फरगढ़ चले गए थे। गौरतलब है कि सज्जाद से पहले पकड़ाया नावेद पंजाब प्रांत के फैसलाबाद का रहने वाला है। नावेद ने भी लश्कर की भारत विरोधी करतूतों के बारे में कई नए खुलासे किए हैं। सूत्रों ने बताया कि इन दो जिंदा आतंकियों ने ऐसी बातें बताई हैं जिससे भारतीय एजेंसियों को आगे की रणनीति तैयार करने में काफी मदद मिलेगी।
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