महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) तहत देश के कितने लोगों को रोजगार देने में सरकार को कामयाबी मिली रही है इस पर आई रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
मनरेगा की कामयाबी और वास्तविकता पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं लेकिन इस योजना पर आई 2015 की रिपोर्ट एक बार फिर से योजना के अस्तित्व पर सवाल खड़ा कर किया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मनरेगा के तहत 2015 के वित्तीय वर्ष में तीन प्रतिशत से भी कम परिवारों को 100 दिन का काम मिल पाया है। मतलब जिन लोगों के लिए यह योजना बनी है उनमें से 97 प्रतिशत लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया।