बाबा साहब अंबेडकर के नाम पर सियासत करने वालों को संघ प्रमुख मोहन भागवत ने नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि महापुरुषों की विरासत किसी एक की बपौती नहीं हैं।
उन्होंने देश को महापुरुषों के प्रति नजरिया बदलने को कहा है। भागवत ने कहा है कि महापुरुषों को पिंजरे में कैद नहीं किया जा सकता है। महापुरुष किसी एक के नहीं हो सकते। महापुरुषों को जातिवाद और भाषावाद से उपर उठकर देखना होगा।
राष्ट्रीय सलाहकार परिषद एवं योजना आयोग से जुड़े रहे नरेंद जाधव के जरिए अंबेडकर पर लिखी पुस्तक का विमोचन करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि हमने महापुरुषों का व्यापार नहीं किया।
महापुरुषों को जाति अथवा प्रांत के बंधन से मुक्त रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशवासियों को महज संविधान नहीं बचा सकता है। बल्कि देश एवं समाज के लिए महापुरुषों के विचार भी जरूरी हैं।