सुप्रीम कोर्ट द्वारा आर्म्स एक्ट के तहत सजा सुनाए जाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त के पास जेल जाना लगभग तय हैं। हालांकि अब भी कुछ कानूनी विकल्प ऐसे हैं, जिनका इस्तेमाल यदि वे करते हैं, तो संभवतः वे सजा से बच जाएं।
गौरतलब है कि गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड के इस सितारे को 1993 के मुंबई विस्फोटों के षड्यंत्रकारियों से हथियार हासिल करने और अवैध ढंग से अपने पास रखने के जुर्म में पांच साल कैद की सजा सुनाई।
इस मामले में 53 वर्षीय दत्त 18 महीने जेल में काट चुके हैं। ऐसे में उन्हें अब करीब साढ़े तीन साल (42 महीने) जेल में बिताने होंगे। लंबे समय से संजय जमानत पर हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने संजय दत्त को समर्पण के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। ऐसे में जेल जाने से बचने के लिए क्या हैं संजय दत्त के सामने विकल्प-
विकल्प 1: पुनर्विचार याचिका
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजय दत्त के पास पहला विकल्प पुनर्विचार याचिका या रिव्यू पेटिशन का है। हालांकि संजय को ये अपील चार सप्ताह के भीतर करनी होगी।
रिव्यू पेटिशन के नियमों के मुताबिक, याचिका को फैसले की तारीख के 30 दिनों के भीतर दायर करना होता है। याचिका पर पुनर्विचार भी वही जज करते हैं, जिन्होंने फैसला सुनाया होता है।
विकल्प 2: क्यूरेटिव पेटिशन
संजय दत्त के सामने दूसरा विकल्प क्यूरेटिव पेटिशन का है। सुप्रीम कोर्ट में यदि उनकी रिव्यू पेटिशन रद्द कर दी जाती है, तब वे क्यूरेटिव पेटिशन दाखिल कर सकते हैं।
इस पेटिशन के तहत संजय दत्त के वकील को अदालत के सामने एक ऐसा पक्ष या तर्क पेश करना होगा, जो मुकदमे में अब तक पेश नहीं किया गया है।
विकल्प 3: राज्यपाल से माफी
राज्यपाल से माफी की अपील संजय दत्त के सामने अंतिम विकल्प है। हालांकि राज्यपाल भी राज्य सरकार के सिफारिश के बाद ही संजय दत्त की अपील पर विचार कर सकते हैं।
गौरतलब है कि भारतीय प्रेस परिषद के चेयरमैन जस्टिस मारकंडेय काटजू ने भी संजय दत्त की माफी के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल के. शंकरनारायणन को पत्र लिखा है।