पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में जासूसी के मामले में गिरफ्तार किए गए पत्रकार शांतनू सैकिया ने शनिवार को कहा कि वह मंत्रालय में एक बड़े गड़बड़झाले का पर्दाफाश करने में लगा था इसीलिए उसे फंसाया गया।
मेडिकल जांच के लिए जब शांतनु को एलएनजेपी अस्पताल ले जाया जा रहा था तो उसने कहा कि मंत्रालय में करीब 10 हजार करोड़ रुपये गड़बड़ी हुई है। इस पूरे मामले से वह पर्दा उठाने ही वाले थे, लेकिन उससे पहले दिल्ली पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
वहीं दूसरी ओर मामले पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना था कि अगर शांतनू के पास किसी बड़ी गड़बड़ी की जानकारी है तो वह पुलिस को बताएं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि शांतनू सैकिया भी ललिता प्रसाद व राकेश कुमार से सीधे जुड़ा हुआ है। वह मंत्रालय से जानकारियां लीक कराकर अपने पोर्टल पर उसकी कुछ डिटेल डाल देता था। इन जानकारियों से संबंधित लोग शांतनू से संपर्क कर इसको प्राप्त कर लेते थे।
पिछले कई सालों से यह धंधा चला रहा था। पुलिस शांतनू की पिछले एक साल (14 फरवरी 2014 से 15 फरवरी 2015) की कॉल डिटेल निकलवा रही है।