स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने शनिवार को महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को बांबे हाईकोर्ट में चुनौती दी, जिसमें उनके कोल्हापुर स्थित प्लॉट पर बने फिल्म स्टूडियो को हेरिटेज ढांचा घोषित किया गया है।
उनकी याचिका की सुनवाई जस्टिस अभय ओका की अध्यक्षता वाली बेंच करेगी। बेंच ने प्रदेश सरकार को याचिका पर अपना जवाब देने का निर्देश दिया है।
साथ ही कोल्हापुर म्यूनिसिपल कारपोरेशन (केएमसी) को भी नोटिस जारी कर 7 फरवरी तक जवाब तलब किया। 82 वर्षीय पार्श्व गायिका ने अधिकारियों पर प्लॉट को हड़पने का आरोप लगाया है।
गायिका का कहना है कि न तो सरकार ने और न ही केएमसी ने जयप्रभा स्टूडियो को हेरिटेज घोषित करने से पहले उन्हें कोई नोटिस दिया, जबकि ऐसा करना महाराष्ट्र रीजनल टाउन प्लानिंग (एमआरटीपी) एक्ट के तहत जरूरी है।
उनका कहना है कि स्टूडियो पर हेरिटेज का ठप्पा लगने से न तो इसकी मरम्मत की जा सकती है और न ही इसका पुनर्निर्माण किया जा सकता है।
इसलिए उन्होंने प्रदेश सरकार के 29 दिसंबर 2012 के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। लता मंगेशकर ने 13 एकड़ में फैले इस प्लॉट को 1959 में जाने माने मराठी फिल्म निर्माता भालजी पेंढ़ारकर से खरीदा था। पेंढ़ारकर ने यह जमीन वहां पर फिल्म स्टूडियो के निर्माण के वादे के साथ कोल्हापुर की पूर्व रियासत से लिया था।
हालांकि अब जयप्रभा स्टूडियो का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसे सरकार ने ग्रेड-3 हेरिटेज इमारत घोषित किया है। हालांकि ऐसी भी खबरें हैं कि इस प्लॉट को बिल्डरों को अपार्टमेंट निर्माण के लिए दिया जा सकता है।