भूमि अधिग्रहण बिल देश की राजनीतिक जमीन का केंद्र बन गया है। इस बिल के विरोध के जरिये कांग्रेस अपने खोए आधार को पाना चाहती है तो भाजपा बीते लोकसभा चुनाव में मिले जनसमर्थन को बरकरार रखने के प्रयास में है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को हुई रैली में अपनी राजनीतिक जमीन पुख्ता करने के लिए खुद को किसानों और गरीबों का मसीहा बताया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा सांसदों की कार्यशाला में अपनी सरकार को गरीबों को समर्पित किया।
सत्ताधारी दल और विपक्ष, दोनों ही आक्रामक तेवर में हैं। अपना खोया राजनीतिक आधार वापस पाने के लिए कांग्रेस ने भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में पूरी ताकत झोंक दी है।