केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित भूमि अधिग्रहण बिल को अंतिम रूप दे दिया है। इसे जल्द ही अब कैबिनेट में पेश किया जाएगा। सूत्रों ने सोमवार को बताया कि बिल को कैबिनेट की अगली बैठक में पेश किया जा सकता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस बिल में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के उस सुझाव को भी शामिल किया है, जिसमें निजी उपयोग के लिए भूमि अधिग्रहण को 80 फीसदी भूस्वामियों की मंजूरी होना जरूरी है।
मालूम हो कि इससे पहले बिल के मसौदे में दो तिहाई (67 फीसदी) भूस्वामियों की अनुमति अधिग्रहण के लिए जरूरी होने का प्रावधान किया गया था, जिस पर सोनिया सहमत नहीं थीं। जीओएम के सुझाव के बाद यह 67 फीसदी का प्रावधान किया गया था। सूत्रों ने बताया कि अब तैयार बिल में पिछली तिथि से अधिग्रहण का प्रस्ताव भी शामिल नहीं है। सरकार की कोशिश है कि इस बिल को शीतकालीन सत्र में ही संसद में पेश किया जाए।