बिहार विधान परिषद के चुनावों में बुरी तरह हारने के बाद राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने तय किया है कि वे आगामी 13 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के यहां आयोजित इफ्तार पार्टी में जाने के बजाय खुद की इफ्तार पार्टी आयोजित करेंगे।
लालू की इफ्तार पार्टी भी 13 तारीख को हीहै। राजद ये भी कोशिश कर रही है लालू की अनुपस्थिति को इस तरह प्रदर्शित करे कि वो यह साबित कर सके कि लालू ने जानबूझ कर सोनिया की इफ्तार पार्टी नहीं छोड़ी है।
सूत्रों के मुताबिक राजद 13 जुलाई ही को राजभवन के सामने मार्च करेगी जिसमें वो मांग करेंगे कि केन्द्र सरकार जाति आधारित जनगणना के आंकड़ों को प्रकाशित करे।
लालू नीतिश को करनी पड़ सकती है मशक्कत
लालू उसी दिन इफ्तार पार्टी भी आयोजित करेंगे और इस बात भी संभावना कम है
कि लालू सोनिया की इफ्तार पार्टी में अपना कोई प्रतिनिधि भेजेंगे।
वहीं
राजद नेता मनोज झा के मुताबिक इफ्तार पार्टी और राज भवन पर आयोजित रैली
दोनों पहले से ही तय थे, जिसे रद्द नहीं किया जा सकता था।
कल विधान
परिषद चुनावों के नतीजो में भाजपा को 24 में से 13 सीटें मिली हैं, वहीं
जदयू (प्लस) को 10 सीटें मिली हैं। ये चुनाव परिणाम इस बात के भी संकेत हैं
कि आगामी विधानसभा चुनावों में भी लालू और नीतिश के जोड़े को मशक्कत करनी
पड़ सकती है।
ममता और केजरीवाल भी नहीं जाएंगे
वहीं सोनिया की इफ्तार पार्टी अन्य सभी विपक्षी दलों के नेता
शामिल होंगे। सोनिया की इफ्तार पार्टी में न जाने वालों लोगों की सूची में
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी हैं लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिनिधि
जाएगा।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी सोनिया की इफ्तार पार्टी
में नहीं जा रहे हैं। अरविंद ने 12 जुलाई को इफ्तार पार्टी आयोजित की है।