उपचुनाव नतीजों से उत्साहित और गठबंधन का महत्व बढ़ाने के लिए राजद-कांग्रेस बिहार सरकार में शामिल हो सकती है। लालू प्रसाद के अस्पताल से वापस आने पर सरकार में शामिल होने की घोषणा हो सकती है।
कहा जा रहा है कि लालू अकेले सरकार में शामिल नहीं होंगे। इस मुद्दे पर उनकी कांग्रेस से भी बातचीत चल रही है। प्रदेश कांग्रेस इस मामले में खुल कर कुछ नहीं बोल रही है।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि पहले अनुरोध आने दीजिए फिर आलाकमान से पूछा जायेगा, क्योंकि यह नीतिगत बड़ा फैसला है। राजद के अंदर भी इसको लेकर कोई आपत्ति के स्वर नहीं हैं।
राजद नेता वीरेंद्र सिंह का कहना है कि सरकार में शामिल होने से गठबंधन के प्रति लोगों में विश्वास बढे़गा। जदयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि जब राजद और कांग्रेस हमें हर जगह समर्थन दे रहे हैं तो उनके सरकार के अंदर आने में क्या हर्ज है।
उनके सरकार में शामिल होने से हमारा गठबंधन और मजबूत दिखेगा। इस मामले पर चुटकी लेते हुए पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा है कि राजद के नेता इस बात से दुखी थे कि सरकार सब मिल कर चला रहे हैं और सरकारी सुख केवल जदयू नेता ले रहे हैं। अब दोनों पार्टियां जमकर सरकारी खजाने का बेजा इस्तेमाल करेंगी।