करीब छह दशक से देश की सियासत के गवाह रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी अपने राजनीतिक अनुभवों को साझा करने का मन बना रहे हैं। आडवाणी ने अपने करीबी मित्रों से किताब लिखने की योजना का खुलासा किया है।
उनके करीबियों की मानें तो आडवाणी की पुस्तक में खासतौर पर जनसंघ का जनता पार्टी में विलय, इसके बाद जनता पार्टी के ध्वस्त होने के बाद भाजपा की स्थापना का विस्तार से जिक्र होगा।
हालांकि, आडवाणी ने किताब लिखने की शुरुआत नहीं की है, लेकिन उन्होंने मन बना लिया है। इस क्रम में आडवाणी ने अपने करीबियों के साथ भाजपा की स्थापना से जुड़ी कई दिलचस्प जानकारियां भी साझा की हैं।