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एक PM के बेटे की मोदी से गुहार, बताएं मेरे पिता की मौत कैसे हुई?

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पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुरुवार को आग्रह किया कि उनके पिता की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाए। भारत के दूसरे प्रधानमंत्री की पूर्व सोवियत संघ में पाकिस्तान के साथ हुए समझौते के संधि पत्र पर हस्ताक्षर के कुछ घंटो बाद ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
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आधिकारिक दस्तावेजों के मुताबिक, 61 वर्षीय शास्त्री की मौत 10 जनवरी 1966 को ताशकंद में पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयुब खान के साथ हुए शांति समझौते पर दस्तखत करने के अगले दिन हृदय गति रुक जाने के कारण हुई। यह घटना दोनों देशों के बीच हुए दूसरे युद्ध की समाप्ति के करीब चार महीने बाद घटी। लेकिन, उनके परिवार वालों को आशंका है कि उनकी हत्या कर दी गई थी।

पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे और कांग्रेसी नेता अनिल शास्त्री ने कहा, 'मेरी मां जिनकी मौत 1993 में हो गई थी उन्हें पूरा विश्वास था कि उनकी (लाल बहादूर शास्त्री) हत्या कर दी गई थी।'
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रूसी पीएम ने भेजा था विशेष विमान

एक अंग्रेजी समाचार पत्र हिन्दूस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान अनिल शास्त्री ने कहा कि हमारा पूरा परिवार सोवियत प्रधानमंत्री अलेक्सी कोसिगन के बुलावे पर ताशकंद होटल गया था। इसके लिए उन्होंने एक विशेष विमान भी भेजा था।

उन्होंने बताया, 'वहां उनके (शास्त्री जी) रहने की व्यवस्था की पूर्ण अवहेलना की गई थी। उन्होंने न जाने क्यों शहर से करीब 15 किमी दूर ताशकंद होटल में उनके रहने की व्यवस्था की थी। उनके कमरे न तो कोई फोन था और नहीं कोई कॉल बेल। उनको डॉक्टर के कमरे तक चल के जाना पड़ता था।'

अनिल शास्त्री ने याद करते हुए बताया कि भारतीय राजदूत ने उनके परिवार को बताया था की ताशकंद में उनके पिता के लिए शाकाहारी भोजन बनाने के लिए चांद मोहम्मद नामक व्यक्ति को नियुक्त किया गया था। जब हम ताशकंद पहुंचे तो मेरी मां ने चांद मोहम्मद से मिलने की इच्छा जाहिर की लेकिन सोवियत अधिकारियों ने कहा वह अभी यहां मौजूद नहीं है।
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शास्त्री जी का नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम

अनिल शास्त्री ने बताया, 'देश का प्रमुख होने के कारण शास्त्री जी का पोस्ट मॉर्टम तक नहीं किया गया, जोकि मेजबान देश में किया जाता है। उनके पोस्ट मॉर्टम के लिए भारत की तरफ से अनुरोध पत्र भेजा जाना चाहिए थे लेकिन वो भी नहीं भेजा गया।'

शास्त्री जी के बड़े बेटे और बीजेपी सांसद सुनील शास्त्री ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद जब गुलजारीलाल नंदा और इंदिरा गांधी उनकी मां से मिलने आए थे उस वक्त भी उन्होंने पिता की मौत की जांच करवाने की मांग उठाई थी। लेकिन कुछ भी नहीं हुआ, यह पहली बार नहीं है जब हम इसकी जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार ने उनके आरटीआई अनुरोध को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उनके पिता के मौत से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। ऐसा करने से भारत के विदेश सम्बंधों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

सुनील शास्त्री ने कहा, 'मैं जहां भी गया लोग मुझसे यही पूछते कि आप के पिता की मौत कैसे हुई। मैं कई सालों से दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की मांग कर रहा हूं। मैं इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध करता हूं कि इन दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए।'
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