यूपी में बिजनौर के एसबीडी कॉलेज में छात्रवृत्ति फार्म में गड़बड़ी के चलते आंदोलनरत छात्राएं मंगलवार को उग्र हो गईं। उन्होंने स्टेट हाईवे जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार छात्राओं को समझाकर कॉलेज के अंदर ले गए, लेकिन यहां शिक्षिका द्वारा छात्रा की पिटाई के बाद छात्राएं और भड़क गईं।
उन्होंने कॉलेज में जमकर तोड़फोड़ करते हुए पथराव किया। प्रबंधक पर अंडे फेंके और उनकी कार क्षतिग्रस्त कर दी। छात्राओं ने शिक्षिकाओं को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना रहा।
बाद में छात्राओं ने कोतवाली में जमकर प्रदर्शन किया और कॉलेज प्रबंधक और शिक्षिकाओं के खिलाफ छात्रवृत्ति फार्म में गड़बड़ी और कपडे़ फाड़ने के आरोप लगाते हुए तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने जांच बैठा दी।
धोखाधड़ी का है आरोप
कॉलेज प्रबंधन पर छात्रवृत्ति फार्म में धोखाधड़ी कर वसूली के आरोपों को लेकर छात्राओं ने सोमवार को भी जमकर प्रदर्शन करते हुए एसडीएम से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होते देख मंगलवार को छात्राएं उग्र हो गईं। सैकड़ों छात्राओं ने एकत्रित होकर हाईवे जाम कर दिया।
छात्राओं ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने कालेज में प्रवेश देते हुए उनके साथ धोखाधड़ी की है। कॉलेज में अनुदानित सीटें खाली हैं, लेकिन प्रबंधक ने उन्हें सेल्फ फाइनेंस कोटे की सीटों पर प्रवेश दिया है।
प्रबंधक पर बरसाए अंडे
हाईवे जाम होने की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार किसी तरह छात्राओं को समझाकर प्रबंधक कक्ष में ले गए, लेकिन छात्राएं उनके कक्ष में भी उग्र हो गईं। इस दौरान एक शिक्षिका ने छात्रा को पिटाई कर दी, जिस पर छात्राओं का पारा और चढ़ गया।
उन्होंने प्रबंधक पर अंडे बरसा दिए। प्रबंधक की कॉलेज परिसर में खड़ी कार पर पथराव कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। छात्राओं द्वारा तोड़फोड़ की वीडियो बना रही महिला क्लर्क को भी छात्राओं ने दौड़ा लिया और उसकी पिटाई की। कालेज की कुछ शिक्षिकाओं ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी, उन्होंने कॉलेज के गमले भी तोड़ दिए।
प्रबंधक पर कपड़े फाड़ने का आरोप
छात्राओं का आक्रोश देख शिक्षिकाओं, स्टाफ ने कमरों में छिपकर अपनी जान बचाई। कॉलेज में पथराव के बाद छात्राओं ने कोतवाली का भी घेराव किया।
उन्होंने कॉलेज प्रबंधक पर प्रवेश के नाम पर घपलेबाजी करने और कपड़े फाड़ने के आरोप लगाए। छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधक और शिक्षिकाओं के खिलाफ तहरीर दी।
छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत
छात्राओं के अनुसार कॉलेज को यूनिवर्सिटी से कुल 400 सीटें अनुदानित कोटे की दी गई हैं ,जबकि 580 सेल्फ फाइनेंस कोटे से मिली हैं। कॉलेज प्रशासन ने 215 छात्राओं के प्रवेश अनुदानित सीटों पर लिए हैं जबकि बाकी सेल्फ फाइनेंस पर कर लिए हैं।
कालेज में अभी भी 185 अनुदानित सीटें खाली पड़ी हैं। अनुदानित सीटों की फीस करीब 2500 रुपये हैं, जबकि सेल्फ फाइनेंस की सीटों पर करीब पांच हजार रुपये एडमिशन फीस है। सेल्फ फाइनेंस कोटे की छात्राओं को अब छात्रवृत्ति मिलने में दिक्कत हो रही है।
गुमराह कर लिए गए एडमिशन
छात्राओं की समस्याओं का समर्थन करने पर कॉलेज प्रबंधक विजय अग्रवाल ने छात्रवृत्ति नोडल अधिकारी डा. आभा अग्रवाल को पद से हटा दिया। उनके स्थान पर दूसरी शिक्षिका को नोडल अधिकारी बनाया है।
डा. आभा अग्रवाल छात्राओं की समस्याओं को लेकर मुखर हो गई थीं। उन्होंने कहा था कि कॉलेज में सेल्फ फाइनेंस की कोई सीट ही नहीं है।
कालेज प्रबंधतंत्र ने छात्राओं को गुमराह कर उनके एडमिशन अनुदानित सीटों पर लिए हैं, जबकि उनसे फीस सेल्फ फाइनेंस की वसूली गई है।
स्टाफ और शिक्षिकाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
तहसीलदार डा. जगन्नाथ सिंह का कहना है कि छात्राओं की तहरीर पर कॉलेज प्रबंधक ,शिक्षिकाओं और स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होगी। छात्राएं 30 सितंबर तक अपने छात्रवृत्ति फार्म कहीं भी इंटरनेट से ऑन लाइन करा सकती है।
कोतवाल रवींद्र प्रताप सिंह का कहना है कि छात्राओं की ओर से तहरीर मिल गई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगी और कार्रवाई की जाएगी।
एसबीडी कालेज की प्राचार्य डा. पूनम चौहान ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के विवेक राज सोनी और रवि चौधरी पर छात्राओं को उकसाकर कालेज में तोड़ फोड़ कराने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखकर कार्रवाई की मांग की है। कालेज में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से चल सके इसीलिए पुलिस व्यवस्था की मांग की है।