अरविंद केजरीवाल के दिग्गज नेताओं पर हमला बोलने के बीच मंगलवार शाम आम आदमी पार्टी में कुछ ऐसा हुआ कि दूसरों का सिरदर्द बढ़ाने वाले इस नेता को अपने सिरदर्द की दवाई का इंतजाम करना पड़ा।
यह सियासी खेल है और इसमें कब क्या हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। दिल्ली विधानसभा चुनावों में किस्मत आजमाने वाली शाजिया इल्मी को राय बरेली से चुनाव लड़ाने की तैयारी थी, लेकिन अब खबर आ रही है कि वो वहां जाना नहीं चाहती।
अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ उतारे गए कुमार विश्वास ने एक ट्वीट से अपनी नाराजगी का इजहार किया। बात यहां तक सीमित रहती, तो ठीक था। लेकिन इस पर केजरीवाल ने ट्वीट के जरिए जो जवाब लिखा, उसने कयासों को हवा दे दी।
AAP में बगावत, केजरी चिंतित
कवि के बाद नेता बने कुमार विश्वास ने ट्विटर पर लिखा था, "चढ़ती नदी में नाले गिरेंगें तो आस्थावान स्नान से भी डरेगा,आचमन तो भूल ही जाओ।" इसका मतलब यह निकाला गया कि वह पार्टी में शामिल हुए नए नेताओं और कुछ खास लोगों को टिकट देने से खफा हैं।
कुमार अभी अपनी बात के सही मायने भी नहीं समझा पाए थे कि केजरीवाल का जवाबी ट्वीट आया और बखेड़ा खड़ा हो गया। अरविंद केजरीवाल ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर लिखा, "यह काफी दिलचस्प है कि जब से मैंने मोदी पर सीधा हमला बोला है, तो कई ताकतें अपनी दिशा बदल रही हैं। रिश्ते बदल रहे हैं। लेकिन जीत आखिर में सच्चाई की होगी।"
जाहिर है, केजरीवाल का यह ट्वीट कुमार विश्वास की टिप्पणी के बाद आया, ऐसे में इन दोनों को जोड़कर देखा जाना स्वाभाविक था। ऐसा माना गया कि केजरीवाल ने इस ट्वीट के जरिए कुमार पर हमला बोला है। AAP में बगावत की बातें जोर पकड़ने लगीं।
केजरीवाल ने दोनों नेताओं पर दी सफाई
बुधवार को महाराष्ट्र दौरे पर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने भी इस पूरे मामले पर सफाई देने की कोशिश की। उन्हें पता है कि अगर इस तरह की बातें सामने आईं, तो पार्टी की छवि को किस कदर नुकसान हो सकता है।
शाजिया के रायबरेली से न लड़ने की बात पर केजरीवाल ने कहा, "शाजिया इल्मी ने ऐसा कुछ नहीं कहा है। इस तरह की जितनी बातें कही जा रही हैं, उनमें दम नहीं है।"
कुमार विश्वास के ट्वीट पर भी उन्होंने अपना पक्ष रखा। आम आदमी पार्टी के संयोजक ने कहा, "ट्वीट को गलत तरह से लिया गया। कुमार विश्वास ने ट्विटर पर जो बात कही, वो दूसरे दलों के लिए है।" हालांकि, राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह विवाद पर मिट्टी डालने की कोशिश है।
कुमार विश्वास का यू-टर्न
कुमार विश्वास भी सफाई देने सामने आए और समझाया कि उनकी बात का गलत मतलब निकाला गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में राजनीतिक पारदर्शिता ही उसकी खूबसूरती है।
जब उनसे अरविंद केजरीवाल और पार्टी से नाराजगी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आप अपना मतलब खुद निकाल सकते हैं। लेकिन मेरा वो मतलब नहीं था। जहां तक शाजिया इल्मी की बात है, तो उनका फैसला वो खुद करेंगी।"
अरविंद केजरीवाल के ट्वीट और उसके बाद AAP नेता आशुतोष का यह कहना कि जिंदगी सिखाती है और रिश्ते बदलते हैं, इस पर क्या कहना है, तो उन्होंने जवाब दिया, "मेरे पास ऐसी कोई खबर नहीं है। शायद मीडिया के पास है। मैं सार्वजनिक रूप से कह रहा हूं कि अगर किसी गलत शख्स को टिकट दिया गया, तो उसकी जांच होनी चाहिए।"
कोई कभी भी आ सकता हैः विश्वास
क्या कुमार विश्वास इस बात से खफा हैं कि पार्टी में आने वाले नए नेताओं को उनसे ज्यादा तरजीह दी जा रही है, इस पर उन्होंने कहा, "कौन कब आया, यह अहम नहीं है। यह लड़ाई महत्वपूर्ण है। सब आ रहे हैं और सभी का स्वागत है।"
उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी में राजनीतिक पारदर्शिता है, जिसका अभ्यास मीडिया या चैनलों को नहीं है। क्योंकि अब तक तमाम फैसले दस जनपथ और नागपुर के बंद कमरों में होते हैं। हमारे यहां ऐसा नहीं होता।"
यह पूछने पर कि केजरीवाल उनके लिए प्रचार करने अमेठी नहीं पहुंचे, इस पर कुमार विश्वास ने कहा, "मैंने कब कहा कि वो नहीं आए। मेरा चुनाव आखिरी पड़ाव पर है। मुमकिन है कि वो यहीं आंकर रहें, प्रचार करें।"
भाजपा, अन्ना हजारे ने ली चुटकी
भाजपा को आम आदमी पार्टी में जारी इस कलह पर ताना मारने का मौका मिल गया। पार्टी के शीर्ष नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "AAP का गुब्बारा फूटना ही था और ऐसा ही हुआ है।"
अन्ना हजारे ने भी टिकट बंटवारे को लेकर आम आदमी पार्टी में जारी कलेश पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह निराशा की बात है कि नई राजनीति शुरू करने की बात कहने वाली इस पार्टी में यह सब हो रहा है।
खुद विवादों से घिरे रहे AAP नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सोमनाथ भारती का कहना है कि पार्टी में सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि सभी नेता इन दिनों दूर-दूर हैं, ऐसे में ट्विटर के जरिए बातचीत हो रही है।