पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का मामला इन दिनों सियासी गलियारों का 'हॉट टॉपिक' बन गया है। सारा किस्सा शुरू हुआ सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से जिसमें उसने कहा कि उनके हत्यारों को फांसी की सजा नहीं दी जाएगी।
यह फैसला आए कुछ वक्त ही गुजरा था कि तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने ऐलान कर दिया कि वह राजीव के हत्यारों की रिहाई के बारे में विचार कर रही हैं। जयललिता की इस बात ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को खफा कर दिया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री को न्याय नहीं मिलता, तो आम आदमी को कैसे मिल सकता है?
इस बात के गहरे मायने हैं। दरअसल, राहुल और कांग्रेस जानते हैं कि इस बात का भावनात्मक असर कितना हो सकता है। लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस रणनीति को लेकर राहुल गांधी पर करारा हमला बोला है।
भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने की कोशिश
आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास का कहना है कि राहुल गांधी ने अपने पिता राजीव गांधी को न्याय न मिलने को लेकर जो टिप्पणी की है, वह कुछ और नहीं बल्कि भ्रष्टाचार जैसे अहम मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए रचा गया 'ड्रामा' है।
आगामी लोकसभा चुनावों में कुमार विश्वास अमेठी सीट से राहुल गांधी को चुनौती दे रहे हैं। अमेठी गांधी परिवार का पुराना गढ़ रहा है और विरोधी दल भी इस सीट से किसी गंभीर दावेदार को उतारने का जोखिम नहीं लेते।
लेकिन इस बार कहानी उलट सी गई है। दिल्ली विधानसभा चुनावों में मिली धमाकेदार जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी ने राहुल के खिलाफ कुमार विश्वास को उतारने का फैसला किया है, जो उसके पहले कतार के नेता माने जाते हैं। और कुमार, राहुल पर काफी आक्रामक हमले बोल रहे हैं।
'सोनिया-राहुल हैं इसके लिए जिम्मेदार'
कुमार विश्वास ने कहा, "कांग्रेस केंद्र में पिछले दस साल से सत्ता में हैं और सोनिया गांधी, राहुल गांधी 10 जनपथ से देश चला रहे हैं... अगर पूर्व प्रधानमंत्री के साथ न्याय नहीं किया गया, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?"
तमिलनाडु सरकार के रिहाई के फैसले पर राहुल ने कहा था, "अगर कुछ लोग प्रधानमंत्री को मारते हैं और उन्हें रिहा कर दिया जाता है, तो आम आदमी को न्याय कैसे मिल सकता है?"
उन्होंने कहा था, "राजीव आपके प्रिय थे। उन्होंने यहां के लिए खूब काम किया। वो शहीद हुए। अब उनके हत्याराओं की रिहाई की बात की जा रही है। जब उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आम लोगों को कैसे मिल सकता है।"
अमेठी में नहीं पहुंची बुनियादी सुविधाएं: कुमार
कुमार विश्वास का मानना है कि राहुल गांधी की ये टिप्पणी कुछ और नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, महंगाई, महिला सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए किया गया ड्रामा है और मतदाता कांग्रेस को जरूर सबक सिखाएंगे।
उन्होंने कहा कि अमेठी के लोग बिजली, सड़क, पेयजल, सिंचाई की सुविधा जैसी बुनियादी जरूरतों के पूरा न होने के कारण कई मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और राहुल गांधी ने अब तक अमेठी के लिए 55 हजार करोड़ के बजट का ब्योरा नहीं दिया है।
कुमार ने कहा, "मां और बेटे (सोनिया और राहुल) ने राजीव गांधी की सपनों का कत्ल करने में कोई गुरेज नहीं दिखाया। रायबरेली और अमेठी इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।"
'राहुल को नहीं राजीव की प्रतिमा की सुध'
कुमार विश्वास ने राहुल गांधी पर हमला बोलने के लिए राजीव गांधी का ही इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, "राजीव गांधी की प्रतिमा यहां है, लेकिन किसी को उसकी सुध लेने की फुरसत नहीं है।"
उन्होंने कहा, "राहुल गांधी को इस प्रतिमा के आसपास पड़ा कूड़ा-करकट नजर नहीं आता।" उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गरीबों का मजाक बनाते हैं। और उन योजनाओं का प्रचार करते हैं, जिन्हें चुनावों के बाद खत्म कर दिया जाता है।
कुमार विश्वास ने कहा कि अमेठी में कई संस्थाएं बनाई गईं, लेकिन बेरोजगारों को उससे कोई फायदा नहीं हुआ। जाहिर है, जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे कुमार विश्वास और राहुल गांधी के बीच जंग और तीखी होती जाएगी।