उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के मनगढ़ आश्रम की छत से गिरकर जख्मी हुए कृपालु महाराज का निधन हो गया है।
मनगढ़ आश्रम की छत से गिरकर जख्मी हुए कृपालु महाराज कोमा में चले गए थे।
फोर्टिस अस्पताल में दाखिल कृपालु महाराज का हालचाल पूछने के लिए मंगलवार को दिन भर श्रद्धालु अस्पताल परिसर के बाहर बैठे रहे।
कृपालु महाराज ने न किसी को गुरु बनाया, न चेला
फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के प्रवक्ता ने बताया कि कृपालु महाराज को सोमवार रात को अस्पताल लाया गया था। छत से गिरने के कारण उन्हें ब्रेन हेमरेज हो गया था।
विशेषज्ञों की टीम 24 घंटे निगरानी कर रही है। बता दें कि कृपालु महाराज का जन्म 1922 में शरद पूर्णिमा की मध्य रात्रि में मनगढ़ गांव में हुआ था।
वे 33 वर्ष की आयु में ही जगदगुरूत्तम की उपाधि से विभूषित हुए थे। अस्पताल के डॉक्टर राणा का कहना था कि कोमा में होने के कारण महाराज को ऑब्जर्वेशन में रखा गया था।
फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कृपालु महाराज की हालत में कोई सुधार नहीं हो पाया था। अस्पताल में न्यूरो सर्जरी के डॉक्टर लगातार उनकी देखभाल कर रहे थे। फिलहाल उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था।
शाम छह बजे जारी किए बुलेटिन में न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. राणा पतीर ने बताया कि सिर में गहरी चोट के कारण 11 तारीख को ही उनकी इमरजेंसी सर्जरी कर दी गई थी।
उसके बाद उन्हें लगातार उपचार दिया जा रहा है। उनकी अगुआई में डॉक्टरों की पूरी टीम निगरानी में जुटी है।
डॉ. राणा ने बताया कि हालात गंभीर है। इस बीच उनके अनुयायी दिन भर अस्पताल के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन कर उनकी सलामती की दुआ करते रहे।
प्रतापगढ़ के मनगढ़ आश्रम के महंत कृपालु महाराज को 11 तारीख को रात आठ बजे फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
आश्रम के ऊपरी तल से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी। तब से ही उनकी हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था।