ममता सरकार के विरोध के बावजूद हाईकोर्ट ने कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली को इजाजत दे दी। कलकत्ता हाईकोर्ट ने 30 नवंबर को प्रस्तावित रैली को इजाजत देते हुए अग्निशमन और निगम नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए दो विशेष अफसरों को नियुक्त किया है।
एक ओर जहां भाजपा इसे अपनी नैतिक जीत बता रही है तो दूसरी ओर रैली को लेकर शुरू से विरोध कर रही राज्य सरकार हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देने की सोच रही है। काबिलेगौर है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार अमित शाह को धर्मतल्ला में उसी स्थान पर रैली करने की इजाजत देने से इनकार करती आई है जहां ममता बनर्जी प्रत्येक वर्ष रैली करती हैं।
न्यायाधीश देबांशु बसाक ने राज्य अग्निशमन सेवा के महानिदेशक और कोलकाता नगर निगम के संयुक्त आयुक्त को विशेष अधिकारी नियुक्त करते हुए शहर के पुलिस आयुक्त को नियमों के पालन में मदद के लिए कहा है। अदालत ने निरीक्षण में पाया कि पहली बार किसी रैली के लिए राजनीतिक दल को अग्निशमन नियमों का पालन करना पड़ रहा है, इसलिए उसे छूट दी जानी चाहिए। न्यायाधीश ने दोनों विशेष अधिकारियों को रैली स्थल पर कल सुबह बैठक का आदेश दिया है। रैली की इजाजत के लिए भाजपा ने तीसरी बार हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।