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भूकंपः जानिए किस राज्य में कहां-कहां कितनी हुई तबाही

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भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में शनिवार को आए भूकंप से 63 लोगों की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। देश के कई हिस्सों में मकानों और इमारतों के ध्वस्त होने की खबर है।
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रिक्टर पैमाने पर 7.9 तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र नेपाल में था। बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जरूरी निर्देश दे रहे हैं। केंद्रीय गृह सचिव एलसी गोयल ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों में भूकंप से 63 लोग मारे गए हैं। इनमें से बिहार में 45, उत्तर प्रदेश में 15, पश्चिम बंगाल में तीन लोगों की जान गई है। उत्तर प्रदेश में 75 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
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बिहार में 25 उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की जान गई

भारत में भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित बिहार में 45 लोगों की मौत हुई है। यहां सौ से ज्यादा लोग जख्मी बताए गए हैं। सूबे के आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दरभंगा जिले में पांच, वैशाली में दो, सीतामढ़ी में चार, पूर्वी चंपारण में पांच, पश्चिमी चंपारण में तीन, सारण में एक, शिवहर में एक, मधुबनी में तीन और कटिहार में एक व्यक्ति की मौत हुई है।

सहरसा, सुपौल, मुजफ्फरपुर, शेखपुरा, गया, आरा, मधेपुरा और फुलवारी शरीफ में सैकड़ों मकानों में दरार पड़ने और लोगों के घायल होने की सूचना है। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों में अलर्ट जारी किया है।

भूकंप से पटना स्थित गांधी सेतु का पिलर नंबर 84 और पीएनएम मॉल की दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है। दरभंगा के एकमी पुल और जमुई स्थित ऐतिहासिक मिंटो टावर में भी भूकंप की वजह से दरार आई है।

200 से ज्यादा लोग हुए घायल

पश्चिम बंगाल में भी भूकंप से तीन लोगों के मारे जाने और 43 बच्चों समेत 69 लोगों के घायल होने की खबर है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भूकंप से हुए नुकसान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के उत्तरी हिस्से में भूकंप के कारण तीन लोगों की जान गई है।

भूकंप से जलपाईगुड़ी में एम राय नाम के व्यक्ति की जान चली गई। वहीं दार्जिलिंग जिले के नक्सलबाड़ी में रूकबान खातून की मौत हो गई। सिलीगुड़ी में भी भूकंप के कारण एक दिहाड़ी मजदूर की जान चली गई। ममता के मुताबिक, दार्जिलिंग के भीतरी इलाकों में सबसे अधिक नुकसान हुआ है।

उधर, सिक्किम के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन हुआ है। हालांकि अभी तक राज्य में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार सिक्किम में पिछले तीन दिनों से लगातार हल्के झटके महसूस किए जा रहे हैं।
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पश्चिम बंगाल में तीन की मौत, 69 घायल

मध्य प्रदेश के जबलपुर, छिंदवाड़ा, भोपाल, सीधी, शहडोल, मंडला, होशंगाबाद, मुरैना, ग्वालियर में 11.45 बजे के आसपास 20 से 25 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। राज्य में जानमाल के नुकसान की जानकारी नहीं हैं।

उड़ीसा में भूकंप का असर ज्यादा नहीं था, लेकिन लोगों में दहशत देखी गई। बालासोर, जगतसिंघपुर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, बेरहमपुर, खुद्र और संभलपुर में 20 सेकंड से एक मिनट तक थरथराहट महसूस की गई। लोग थरथराहट के चलते फर्नीचर व छत के पंखों को हिलते देख कई जगह ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए।

भूकंप का असर गुजरात में भी देखा गया। यहां 2001 में आए भूकंप की यादें आज भी लोगों के जेहन में बसी हुई हैं, इसलिए लोगों में घबराहट साफ तौर पर देखी जा रही थी। राजधानी अहमदाबाद में 49 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
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