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प्रेमिका की हत्या कर दीवार पर लिखी वजह?

Thu, 22 Jan 2015 11:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अलीगढ़, लोनी, शाहजहांपुर
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अलीगढ़ के मोहल्ला नगला मसानी इलाके में बुधवार को अपनी प्रेमिका पुष्पा (35) और उसके दो बच्चों राहुल (17), पूजा (9) को जहर देकर मारने के बाद रद्दी विक्रेता अजय (35) ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। सुबह-सुबह चार मौतों की खबर पुलिस व मोहल्ले वालों को उस समय हुई, जब दूधिया महिला के घर दूध देने पहुंचा। खबर पर पुलिस पुलिस ने फील्ड यूनिट के साथ जांच-पड़ताल शुरू कर दी। इसी बीच घर में कमरे की दीवार पर इस घटना के लिए जिम्मेदार दो लोगों के नाम लिखे मिले, जिन्हें लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया पुलिस इसे प्रेम संबंधों में दरार का मामला मानकर चल रही है।
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थाना देहली गेट इलाके के मोहल्ला कनवरीगंज निवासी रद्दी व्यापारी बालकिशन के तीन बेटे थे। सबसे छोटा बेटा अजय अपनी पत्नी की मौत के बाद अपने दूसरे पति राजेंद्र से अलग रह रही दो बच्चों की मां पुष्पा के साथ नगला मसानी में राकेश के घर में किराये पर रहने लगा। अजय-पुष्पा दंपति के रूप में रहते थे। बुधवार सुबह करीब 9.45 बजे रोजाना की तरह दूधिया दूध देने पहुंचा और उसने दरवाजे पर आवाज लगाई, मगर कोई नहीं आया। जब उसने दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देख दंग रह गया। कमरे में बेड पर पुष्पा और दोनों बच्चों की लाश पड़ी थीं। तीनों के मुंह से झाग निकल रहे थे। कुछ ही देर में वहां लोगों की भीड़ जुट गई।

खबर पर सिटी मजिस्ट्रेट, सीओ प्रथम, एसओ देहली गेट भी पहुंच गए। पुलिस ने जांच में दीवार पर जब लिखा देखा कि इस हत्या के लिए मंजीत और तोमर नाम के दो लोग जिम्मेदार हैं और वह खुद अब ट्रेन से कटने जा रहा है तो पुलिस के कान खड़े हुए। इससे पहले कि पुलिस समझ पाती, तभी जीआरपी के माध्यम से खबर मिल गई कि छर्रा अड्डा पुल के पास अजय ने ट्रेन से कटकर जान दे दी है। एसओ देहली गेट के अनुसार अजय के शव को उसके परिजन ले गए, जबकि पुष्पा व दोनों बच्चों के शव को लेने के लिए उसका दूसरा पति राजेंद्र निवासी घनश्यामपुरी आ गया। पुलिस मंजीत और तोमर नाम के लोगों को तलाश रही है।
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सीओ प्रथम डॉ. संजय ने बताया कि पुष्पा ने सराय दुबे निवासी पहले पति दीपू को छोड़ने के बाद घनश्यामपुरी निवासी राजेंद्र से शादी की थी। कुछ समय पूर्व राजेंद्र को छोड़ने के बाद वह अजय के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। मामला प्रेम संबंधों में दरार का प्रतीत हो रहा है। जांच व तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप बनेगा तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद पुष्पा और बच्चों के शव पहले पति राजेंद्र को सौंप दिए जाएंगे।

‘बेवफाई’ बर्दाश्त न कर सकी तीसरी ‘वफा’

अलीगढ़ की यह घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। एक महिला पहले दो पति छोड़कर तीसरे के साथ जीवन बिता रही है और कोई चौथा बीच में आ जाए। बस तीसरा इसी ‘बेवफाई’ को सहन नहीं कर पाया। इसी ‘बेवफाई’ के चलते घर में हुई कलह ने चारों की जान ले ली। कुछ इस तरह की कहानी बयां कर रही है, पुलिस की वह जांच जो चार मौतों पर दिन भर की खोजबीन के बाद सामने आई। इसलिए पुलिस के लिए यह बड़ा सवाल है कि आखिर वह चौथा कौन है, जिसने बीच में आकर चार जानें ले लीं। इसे लेकर पुलिस ने मोबाइल सर्विलांस से लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ व तथ्य जुटाने पर ध्यान केंद्रित कर दिया है।

यह है प्रेमिका की जीवनी
एसओ देहली गेट विनोद यादव के अनुसार मूल रूप से ग्वालियर की रहने वाली पुष्पा की शादी करीब दो दशक पहले सराय दुबे गांधीपार्क निवासी रेलवे रोड पर पान विक्रेता दीपू सैनी पुत्र मदनलाल संग हुई थी। तीन-चार साल के दांपत्य जीवन में दोनों को एक बेटा-बेटी हुए। इसी बीच पुष्पा पानी विक्रेता राजेंद्र उर्फ कल्लन निवासी घनश्यामपुरी के करीब आई और दीपू से तलाक लेकर राजेंद्र संग रहने लगी। दोनों बच्चों को वहीं छोड़ दिया। राजेंद्र संग करीब 17 साल के दांपत्य जीवन में राहुल व पूजा ने जन्म लिया। यहां से मोह भंग होने पर करीब दस माह पहले पुष्पा दोनों बच्चों संग अजय के साथ रहने लगी। राजेंद्र से तलाक का मुकदमा चल रहा था।

यह है अजय की कहानी
एसओ के अनुसार अजय की शादी वर्ष 2 फरवरी 2009 को सहारनपुर के लच्छिमपुर निवासी शिवानी पुत्री कैलाश चंद्र संग हुई। शादी के बाद 3 अप्रैल 2012 को शिवानी की मौत पर अजय पर दहेज हत्या का आरोप लगा और वह जेल भी गया। बाद में दोनों पक्षों में समझौता होने पर वह जेल से रिहा हुआ। इसके बाद किसी तरह वह पुष्पा के संपर्क में आया और बिना शादी किए उसके साथ राकेश के किराये के मकान में रहने लगा।

दीवार पर लिखे बयान ने उजागर किए तथ्य

एसओ देहली गेट के अनुसार जब दीवार पर अजय की ओर से यह लिखा पाया गया कि इस हत्या के जिम्मेदार तोमर व मंजीत नाम के व्यक्ति हैं। उनके मोबाइल नंबर भी उन पर अंकित थे। साथ ही अजय ने खुद की ट्रेन से कटकर जान देने की बात भी कही थी। इसके बाद पुलिस ने जब घर की तलाशी ली तो राहुल के कपड़ों में से डीएवी इंटर कॉलेज का कक्षा 11 का आईकार्ड मिला, जिसमें राहुल के पिता का नाम राजेंद्र सैनी लिखा था। स्कूल से जानकारी पर राजेंद्र का पता मिला। वहां पहुंचने पर राजेंद्र ने पूरी कहानी बताई। पुष्पा से उसके मां-बाप ने भी रिश्ते तोड़ लिए थे।

अजय के परिजन छोड़ गए शवों को
इस खबर पर पहुंचे अजय के परिजन पोस्टमार्टम के बाद अजय के शव को तो साथ ले गए। मगर उन्होंने पुष्पा व बच्चों के शवों को लाने के सवाल पर मना कर दिया कि यह न तो हमारी बहू और न इसने पुष्पा से शादी की थी। इसके चलते शव दो घंटे तक अपनों का इंतजार करते रहे। इसी बीच पुलिस को राजेंद्र मिल गया, तब उनके पंचनामा की प्रक्रिया हुई। मगर पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार तक के लिए टल गया।

शाम को एसएसपी ने भी लिया जायजा
इस घटनास्थल पर शाम को एसएसपी जे रविंदर गौड़ भी गए। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लेते हुए इस मामले में फील्ड यूनिट की मदद से जांच कराने और हर पहलू को उजागर करने के निर्देश दिए। खाने के बर्तनों तक की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

रात के खाने में दिया गया जहर
पुलिस के अनुसार जिस वक्त वह मौके पर पहुंची, तीनों शव बेड पर थे। मुंह से झाग निकल रहे थे। देखने से साफ था कि शव अकड़े हुए हैं, जिससे अनुमान लगाया गया है कि रात के खाने में तीनों को जहर दिया गया है।

अवैध संबंधों में तीन को गंवानी पड़ी जान

लोनी में शादीशुदा युवक एवं किशोरी के बीच प्रेम संबंध का खामियाजा तीन लोगों को अपनी जान गंवाकर चुकाना पड़ा। पहले युवक की पत्नी, उसके बाद किशोरी एवं अब युवक ने आत्महत्या कर ली है। युवक दो बच्चियों का पिता था तथा किशोरी के अपहरण में नामजद होने के कारण दो माह से फरार चल रहा था।

मूल रुप से बुलंदशहर का रहने वाला प्रमोद (25) परिजनों के साथ करीब 25 वर्षों से लोनी की विकास कुंज कॉलोनी में रह रहा था। छह वर्ष पूर्व उसकी शादी नीलम के साथ हुई थी। उसके पांच एवं ढाई वर्षीय की दो बच्चियां हैं। डेढ़ वर्ष पूर्व प्रमोद के प्रेम संबंध पास में ही रहने वाली एक 16 वर्षीय किशोरी से हो गए थे। पत्नी नीलम ने युवक को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन जब वह नहीं माना। परेशान होकर दस माह पूर्व नीलम ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पत्नी की मौत के बाद भी प्रमोद की आंख नहीं खुली और वह 13 नवंबर 2015 को किशोरी के साथ घर से भाग गया। किशोरी के परिजनों ने प्रमोद के विरुद्ध अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस का दबाव बनने पर 20 नवंबर को किशोरी खुद इंद्रापुरी पुलिस चौकी पहुंच गई। पुलिस ने उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दूसरे दिन ही किशोरी ने जहर खा लिया।

दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। प्रमोद तभी से फरार था। उसके भाई कमल ने बताया कि मंगलवार रात 11 बजे शाहदरा से किसी व्यक्ति ने उनके घर पर फोन कर बताया कि प्रमोद सड़क पर पड़ा तड़प रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसे उपचार के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया था। वहां रात में डेढ़ बजे उसकी मौत हो गई।

शाहजहांपुर में रेलवे ट्रैक पर कटे मिले छह शव

यूपी में शाहजहांपुर के नजदीक मोक्षधाम के सामने खन्नौत नदी के पुल पर लखनऊ को जाने वाली डाउन लाइन पर बुधवार सुबह करीब सवा नौ बजे दो महिलाएं, एक किशोरी और तीन बच्चों के कटे हुए शव मिले हैं। प्रथम दृष्टया इसका कारण ट्रेन से हुआ हादसा माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि हादसे के शिकार सभी लोग आसपास के किसी गांव में ईंट-भट्ठे पर काम करते होंगे लेकिन रात 10 बजे तक किसी भी शव की शिनाख्त न होने और कोई भी जानकारी न मिलने के कारण तरह-तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। सभी शवों के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में कहा गया है कि इन्होंने मंगलवार रात खाना खाया था। सुबह किसी ने कुछ नहीं खाया था।

रेलवे, जिला प्रशासन और पुलिस का अनुमान है कि हादसे के समय बच्चे महिलाओं और किशोरी की गोद में रहे होंगे। बच्चों में आठ महीने की एक लड़की, तीन साल और पांच साल के दो लड़के शामिल हैं। मृतक दोनों महिलाओं में से एक की उम्र करीब 45 साल जबकि दूसरी की उम्र 35 साल है। किशोरी की उम्र करीब 15 वर्ष है।

हादसा किस ट्रेन से हुआ, इसके बारे में अब तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हैं। हादसे की सूचना 9.38 बजे जननायक एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर आरडी प्रसाद वर्मा ने रोजा स्टेशन पर दी। वर्मा ने बताया कि उसने लाशें पुल पर पड़ी देखी हैं। बाद में वर्मा का सीतापुर रेलवे स्टेशन पर मेडिकल परीक्षण भी कराया गया।
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हादसे के समय था घना कोहरा

अनुमान है कि हादसा इससे पहले गुजरी पंजाब मेल से हुआ होगा। कारण यह है कि पंजाब मेल में इलेक्ट्रिक इंजन लगा होता है, जिसकी आवाज डीजल इंजन से बहुत कम होती है। ऐसे में लोगों को ट्रेन आने का अहसास जल्दी नहीं होता है। यही नहीं, हादसे के समय नदी के आसपास घना कोहरा था, इसलिए हादसे का शिकार हुए लोगों को ट्रेन आते हुए दिखाई नहीं पड़ी होगी। पंजाब मेल के ड्राइवर ने हालांकि लखनऊ में 15 मिनट की पूछताछ में दुर्घटना से अनभिज्ञता जताई है।

डीएम शुभ्रा सक्सेना, एसपी राजेंद्र प्रसाद सिंह यादव, एडीएम एफआर पीके श्रीवास्तव, एएसपी सिटी एपी सिंह, एसडीएम सदर जयनाथ यादव समेत रेलवे के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का दौरा किया। डीएम का कहना है कि मृतकों की शिनाख्त जल्दी कराने का प्रयास किया जा रहा है।

एक महिला के हाथ पर गुदा है पति का नाम
मृतकों में शामिल 45 वर्षीय महिला ने स्लेटी रंग की साड़ी (हरे रंग के फूल बने हुए) और काला ब्लाउज पहना था। इसके दाहिने हाथ पर निर्मल पत्नी विनोद बेटा गुदे हुए हैं। दूसरी महिला ने फिरोजी रंग की साड़ी और नारंगी रंग का लाल पट्टी वाला स्वेटर पहना था। किशोरी ने लाल और हरे रंग के फूलों वाला बैगनी रंग का कुर्ता और मटमैली रंग की सलवार पहनी थी।
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