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ममता के लिए मुसीबत बन सकता है छात्रा के अपहरण का मुद्दा

Fri, 17 Jul 2015 07:58 PM IST
रीता तिवारी/अमर उजाला, कोलकाता
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भले ही अपने शासनकाल में महिला अपराधों की रोकथाम के दावे करती रही हों, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध घटने की बजाय बढ़ते ही जा रहे हैं।
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ताजा मामला दक्षिण 24-परगना जिले की रहने वाली दसवीं की छात्रा की गुमशुदगी का है। भाजपा इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है और यह ममता के लिए मुसीबत भी बन सकता है।

करीब दो महीने से अपहृत छात्रा का पता लगाने को लेकर भाजपा ने तो इस मुद्दे को उठाया ही है। इसके अलावा ममता बनर्जी सरकार पर दबाव बनाने की खातिर अब अमेरिका और इंग्लैंड के बांग्ला एसोसिएशनों ने भी प्रदर्शन करने शुरू कर दिए हैं।
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तृणमूल समर्थकों ने किया था अपहरण!

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा ने इस मामले में पुलिस की चुप्पी के विरोध में मोगरहाटा थाने के सामने ही धरना शुरू कर दिया है। पार्टी ने इस मामले में राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी को ज्ञापन देकर उनके हस्तक्षेप की भी मांग की है।

लेकिन मुख्यमंत्री ने अब तक इस मामले पर आश्चर्यजनक रूप से चुप्पी साध रखी है। उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने उल्टे इसे भाजपा का राजनीतिक स्टंट करार दिया है।

दसवीं में पढ़ने वाली छात्रा का कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने इस साल फरवरी में अपहरण कर लिया था। तब वह बैंक का काम निपटा कर घर लौट रही थी। उसे सुनसान स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।

छात्रा का नहीं चल सका पता

उसके मजदूर पिता ने जब गांव के मुखिया और पुलिस से सहायता मांगी तो टुकटुकी को इस शर्त पर छोड़ा गया कि उसके घरवाले इस मामले में न तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराएंगे और न ही बलात्कार की पुष्टि के लिए उसकी मेडिकल जांच कराएंगे।

लेकिन मई में दसवीं की परीक्षा की तैयारी के दौरान एक बार फिर उन गुंडों ने ही उसका अपहरण कर लिया। पिता का आरोप है कि नामजद शिकायत के बावजूद पुलिस ने अब तक इस मामले की जांच शुरू नहीं की है।

उल्टे घरवालों पर ही शिकायत वापस लेने का दबाव बना रही है। तब से अब तक उस छात्रा का कोई पता नहीं चल सका है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल सिन्हा का आरोप है कि तृणमूल के लोगों के शामिल होने की वजह से पुलिस इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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भाजपा पर राजनीतिक स्टंट का आरोप

लेकिन दूसरी ओर, सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि भाजपा इस मुद्दे के जरिये अपना राजनीतिक हित साधने का प्रयास कर रही है।

पार्टी के एक नेता ने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि इस मामले से तृणमूल समर्थकों का कोई संबंध नहीं है। इसलिए इस मामले की लीपापोती का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता। वैसे, ममता के राज में महिलाओं के प्रति अपराध का यह कोई पहला मामला नहीं है।

इससे पहले बीते साल असामाजिक तत्वों ने एक युवती के साथ दो बार सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसे आग से जला कर मार दिया। बाद में पुलिस ने यह कह कर मामले की लीपापोती कर दी कि लड़की ने खुद ही आग लगा कर आत्महत्या कर ली थी।
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