गाहे बगाहे कही जाने वाली कहावत ‘जाको राखे साईयां मार सके न कोई’ महाराष्ट्र के थाणे निवासी एक युवक के लिए कभी न भूलने वाली हकीकत बन गई।
थाणे के बोइसर के रहने वाले प्रदीप यादव को उसी के चचेरे भाईयों ने मारपीट कर रेलवे ट्रैक पर मरने के लिए फेंक दिया था। जिस रेलवे ट्रैक पर उसे हत्या के मकसद से फेंका गया उस रूट पर आने वाली ट्रेन लेट थी और इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उसकी मदद की पुकार सुन ली और उसे बचा लिया गया।
पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि इलाहाबाद में मौजूद पैतृक संपत्ति के विवाद को लेकर प्रदीप यादव को बीते पांच अक्तूबर को उसी के पांच चचेरे भाइयों ने अगवा कर बुरी तरह पीटा और बाद में उसे बोइसर के पास रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।
उन्होंने बताया कि प्रदीप की हत्या के मकसद से उसे रस्सियों से बांधकर ट्रैक पर फेंक दिया गया था। इसके बाद प्रदीप ने मदद की गुहार लगानी शुरू की।
प्रदीप की चीख पुकार सुनकर वहां से गुजर रहे एक ग्रामीण ने उसे बचा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदीप की किस्मत अच्छी थी क्योंकि उस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेन उस दिन लेट चल रही थी।
इस मामले में पुलिस ने प्रदीप के दो चचेरे भाइयों दिनेश यादव और चंद्रबली यादव को गत 8 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी अभी भी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।