किडनैपिंग, किडनैपिंग के बाद फिरौती की मांग, फिर फिरौती की अदायगी या पुलिस की दखलअंदाजी के बाद बंधक का घर लौटना। आम तौर पर अपहरण की कहानी कुछ यूं ही होती है। लेकिन यह माजरा कुछ अलग है।
गाजियाबाद के मोहन नगर में पेप्सिको के एरिया मैनेजर के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। किडनैपर के चंगुल से छूटकर लौटे जसपाल रावत ने बताया कि अनियमितताओं के चलते डिस्ट्रीब्यूटरशिप रद्द करने से खफा राहुल सिंघल, रवि कसाना और धर्मेंद्र शर्मा ने उनका अपहरण कर लिया था। ये लोग लोनी में पेप्सिको के डिस्ट्रीब्यूटर थे।
मैनेजर ने अमर उजाला को बताया कि अपहरणकर्ताओं ने तीन घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद माफी मांगकर उन्हें छोड़ दिया। साथ ही पुलिस के पास न जाने की धमकी भी दी।
इन लोगों ने मंगलवार को लोनी में कार ओवरटेक कर कनपटी पर तमंचा लगा दिया। इनके साथ दूसरी गाड़ी में कुछ और लोग सवार थे। तीन घंटे तक घुमाने के बाद एक गोदाम में ले गए, जहां एक दर्जन लोग पहले से मौजूद थे। गोदाम में उनके साथ मारपीट भी की और कार का सेल लेटर जबरदस्ती साइन करा लिया।
जसपाल ने बताया कि इसी बीच अपहरणकर्ताओं का एक परिचित गोदाम में आया और बोला कि पुलिस सक्रिय हो चुकी है। इस पर गलती की माफी मांगते हुए उन्हें छोड़ दिया। साथ ही धमकी दी कि सीधे घर जाना, पुलिस से संपर्क मत करना। कार का सेल लेटर भी वापस कर दिया।