लद्दाख के देपसांग घाटी से दोनों देशों के सैनिकों की वापसी के एक दिन बाद भारत और चीन के राजनयिकों ने मंगलवार को मुलाकात की।
इसमें विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के चीन दौरे और चीनी प्रधानमंत्री ली केचियांग के भारत यात्रा के कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए चर्चा हुई। विदेश मंत्री खुर्शीद 9 मई को दो दिन की बीजिंग यात्रा पर जा रहे हैं।
चीनी नेताओं के साथ मुलाकात में हालिया घुसपैठ का मसला भी उठ सकता है। हालांकि चीनी सैनिकों के लद्दाख क्षेत्र के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) में 19 किमी अंदर तक घुसपैठ किए जाने को लेकर खुर्शीद और ली के दौरे पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे थे।
हालांकि इस मुद्दे के हल होने के बाद दौरे पर छाए संकट के बादल छंट गए हैं। खुर्शीद के चीनी विदेश मंत्री वांग यी और प्रधानमंत्री ली के साथ मुलाकात में इस मुद्दे के उठने की संभावना है।
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि विदेश मंत्री के चीनी नेताओं के साथ मुलाकात को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सीमा पर हुई हालिया घुसपैठ के अलावा खुर्शीद की चीनी नेताओं के साथ मुलाकात में मुख्य फोकस ली के भारत दौरे पर रहेगा। ली भारत यात्रा के दौरान नई दिल्ली और मुंबई का दौरा करेंगे।
चीन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री ली ने अपने पहले विदेश दौरे के तौर पर भारत को चुना है। इसके चलते चीनी अधिकारी नहीं चाहते हैं कि ली के दौरे के दौरान घुसपैठ का मुद्दा छाया रहे। इसके चलते चीन ने अपने सैनिकों को पीछे हटाने का निर्णय लिया है।
सीमा पर टकराव पर एक चीनी सामरिक विश्लेषक ने कहा कि दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर इस घुसपैठ का असर नहीं पड़ेगा क्योंकि भारत और चीन दोस्ताना रिश्तों की अहमियत से बखूबी परिचित हैं।