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भाजपा के दिल्ली 'फतह' में खट्टर का होगा अहम रोल

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अगले साल की शुरुआत में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा के देश भर के सांसद ही नहीं हरियाणा की खट्टर सरकार भी पार्टी के लिए अपनी सारी ताकत झोंकेगी।
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पार्टी आलाकमान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की ईमानदार छवि के साथ-साथ पंजाबी समुदाय को पटाने के लिए उनका व्यापक उपयोग करने की रणनीति बनाई है।

इस क्रम में शनिवार दोपहर बाद जहां दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय खट्टर के साथ चुनावी रणनीति का ताना-बाना बुनेंगे, वहीं प्रदेश भाजपा ने इसी दिन खट्टर कैबिनेट में शामिल मंत्रियों को कांस्टिट्यूशन क्लब में दोपहर के भोज पर आमंत्रित किया है।
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पार्टी की रणनीति खट्टर सरकार में शामिल जाट चेहरों कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़, नवनियुक्त अध्यक्ष सुभाष बराला का उपयोग जाट मतदाताओं को रिझाने के लिए है।

खट्टर की ईमानदार छवि का लाभ उठाएगी भाजपा

आलाकमान ने हरियाणा के चुनाव प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय को दिल्ली का चुनाव प्रभारी बनाने का संकेत दिया है। ऐसे में दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी हरियाणा विधानसभा चुनाव की रंगत देखने को मिल सकती है।

हरियाणा और दिल्ली की सीमा न केवल चार जगहों पर मिलती है, बल्कि दिल्ली और हरियाणा के कई सियासी समीकरण भी एक दूसरे से मिलते-जुलते हैं। इसीलिए खट्टर सरकार का उपयोग करने की भावी रणनीति का तानबाना अभी से बुना जाना शुरू हो गया है।

चुनाव में खट्टर और उनकी कैबिनेट के सहयोगियों के उपयोग की रणनीति प्रदेश भाजपा की ओर से शनिवार को दिए गए भोज में बनेगी। दोपहर के भोज के बाद दिल्ली प्रदेश सतीश उपाध्याय खट्टर के साथ अलग से करीब एक घंटे की चर्चा करेंगे।

दरअसल दिल्ली में जाट और पंजाबी समुदाय की भरमार है। पंजाबी समुदाय से आने वाले खट्टर और जाट समुदाय से आने वाले उनके दो मंत्री अभिमन्यु और धनखड़ अपनी अपनी बिरादरी में पार्टी केलिए पैठ बनाने का काम करेंगे।
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रणनीति पर खट्टर-सतीश करेंगे मंथन

आलाकमान को लगता है कि ईमानदार और कड़े प्रशासक की छवि के कारण खट्टर दिल्ली के युवा मतदाताओं को भी प्रभावित करने में सफल होंगे। पार्टी सूत्रों का कहना था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में खट्टर सरकार के अलावा हरियाणा के संगठन से जुड़े नेता, सांसद और मोदी मंत्रिमंडल के सदस्य भी चुनाव अभियान में शामिल किए जाएंगे।

जहां तक केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल सूबे के नेताओं का सवाल है तो इनमें चौधरी बीरेंद्र सिंह जाट, कृष्णपाल गुर्जर गुर्जर और राव इंद्रजीत सिंह यादव बिरादरी से हैं। इन बिरादरी के मतदाताओं की संख्या दिल्ली में बहुत ज्यादा है।

पार्टी ने इसकी रूपरेखा अभी से तैयार कर लेने की रणनीति बनाई है। यही कारण है कि इस क्रम में पहले खट्टर और उनके कैबिनेट सहयोगियों से विचार विमर्श करने का मन बनाया गया है।
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