15 अगस्त को पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। लेकिन केरल के एक प्राइवेट स्कूल में छात्रों को वंदेमातरम् गाने से रोक दिया गया।
बताया जा रहा है कि स्कूल प्रशासन को एक समुदाय के कुछ लोगों की ओर से वंदेमातरम् को रोकने धमकी दी गई थी।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इन धार्मिक लोगों ने स्कूल प्रबंधन को कहा कि राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम् गाने से उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है इसलिए इसे स्कूल में न गाने दिया जाए।
कार्यक्रम रोकने की मिली थी धमकी
रिपोर्ट के अनुसार तिरुअनंतपुरम से करीब 65 किमी दूर कोल्लम के प्राइवेट स्कूल ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वंदेमातरम् पर सामूह नृत्य का कार्यक्रम तय किया था। लेकिन कुछ सांप्रदायिक लोगों ने स्कूल को धमकी दी कि यदि स्कूल में वंदेमातरम् में नृत्य का आयोजन किया गया तो वह आकर स्कूल के कार्यक्रम को खराब कर देंगे।
इन कट्टर धार्मिक लोगों की धमकी से स्कूल प्रशासन इतना घबरा गया कि आनन-फानन में वंदेमातरम् पर ग्रुप डांस को रद्द कर आरकेस्टा की व्यवस्था कर दी। हालांकि इस कार्यक्रम के लिए बच्चे कई दिनों से रिहर्सल कर रहे थे जो कार्यक्रम रद्द होने से मायूस हो गए।
इतना ही नहीं, राष्ट्रीय गीत पर रोक की खबर जब बाहर आई तो स्कूल प्रशासन कट्टर धार्मिक लोगों के बचाव में आ गया और इसमें किसी भी बाहरी दबाव से इनकार कर दिया।
स्कूल के विरोध में उठी आवाज
स्कूल के इस पक्षपातपूर्ण रवैये से नाराज छात्रों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ रैली निकाली और स्कूल के प्रिंसिपल की बर्खास्तगी की मांग की। वहीं स्थानीय पार्टी एसडीपीआई के नेताओं ने स्कूल के इस कदम को सही ठहराया है।
एसडीपीआई के नेता एके सलाहुद्दीन ने कहा कि कई छात्रों के पैरेट्स की ओर से शिकायत मिलने पर उन्होंने से स्कूल प्रशासन को बताया कि नमस्ते और वंदेमातरम् जैसे शब्द उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। इसलिए स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वो लोगों की भावनाओं की कद्र करें और वंदेमातरम् पर रोक लगाएं।
इस पूरे मामले पर पुलिस का कहना है कि उन्होंने इस मामले पर शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच चल रही है।