दिल्ली में ऑटोरिक्शा चालकों का सहयोग हासिल कर सरकार बनाने वाले अरविंद केजरीवाल ने मुंबई में भी ऑटोरिक्शा की सियासत को लोकसभा चुनावों की सीढ़ी बनाया है।
बुधवार को मुंबई में एक के बाद एक ताबड़तोड़ रोड शो करने वाले केजरीवाल ने यहां कदम रखते ही ऑटोरिक्शा की सवारी कर डाली।
केजरीवाल मुंबई एयरपोर्ट से अंधेरी स्टेशन तक ऑटो में बैठकर गए। यही नहीं उन्होंने ऑटोवालों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें ऑटोरिक्शा की सवारी अच्छी लगी। हालांकि इस दौरान मची अफरातफरी की वजह से मुंबई की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई।
ऑटोरिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई
मुंबई पुलिस को अंदाजा नहीं था कि केजरीवाल यहां निजी वाहन की बजाय आम लोगों की यात्रा के काम आने वाले ऑटोरिक्शा का इस्तेमाल करेंगे।
केजरीवाल के ऑटोरिक्शा कार्ड ने महाराष्ट्र सरकार को इतना परेशान कर दिया कि पुलिस ने आनन-फानन में उन तीन ऑटोरिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी कर दी जिन्होंने केजरीवाल और उनके समर्थकों को एयरपोर्ट से अंधेरी स्टेशन तक पहुंचाया था।
बिहार-यूपी कार्ड
मुंबई ट्रैफिक पुलिस का आरोप है कि केजरीवाल और उनके समर्थकों को बैठाने वाले ऑटोरिक्शा चालकों ने न सिर्फ ट्रैफिक सिग्नल तोड़े बल्कि उनमें तीन की बजाय पांच लोगों को बैठाया। इन ऑटो चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177 के तहत कार्रवाई की गई है।
मुंबई में ढाई लाख से भी अधिक ऑटो रिक्शा दौड़ते हैं और प्रतिदिन यात्रा करने वाले लाखों लोग इन पर निर्भर हैं। ऑटो रिक्शा चालकों में ज्यादातर उत्तर प्रदेश, बिहार से ताल्लुक रखते हैं और मुंबई के उत्तरभारतीय वोट बैंक में इनका खासा अहम रोल है।
केजरीवाल की कोशिशों को ऑटो रिक्शा वोट बैंक को अपनी ओर खींचने की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
इससे पहले दिल्ली में भी अरविंद केजरीवाल ने बड़े पैमाने पर ऑटो रिक्शा चालकों को आम आदमी पार्टी से जोड़ा था और पार्टी को दिल्ली के विधानसभा चुनावों में इसका खासा फायदा भी हुआ था।
अरविंद की सियासत पर सख्त सरकार
अरविंद केजरीवाल के मुंबई रोड शो पर महाराष्ट्र सरकार का सख्त रुख सामने आया है। गृहमंत्री आरआर पाटील ने कहा है कि आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान जो भी नुकसान हुआ है पार्टी को उसकी भरपाई करनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसी को कानून तोड़ने की इजाजत नहीं है।
दरअसल मुंबई के चर्च गेट रेलवे स्टेशन पर जब अरविंद केजरीवाल पहुंचे तो उनके समर्थकों की अच्छी खासी भीड़ इकट्ठी हो गई थी। यहां काफी धक्का मुक्की हुई जिसमें स्टेशन पर लगा मेटल डिटेक्टर गिर गया।
पाटील ने यह भी कहा कि मुंबई में केजरीवाल के रोड शो के दौरान आम आदमी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ केजरीवाल ने अपने भाषणों में भ्रष्टाचार को चुनावों का मुख्य मुद्दा बताते हुए कहा कि दिल्ली में आम आदमी की सरकार के बाद लोगों में राजनीति के प्रति विश्वास जागा है।