दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए 7 से 10 दिन का समय मांगा है।
उन्होंने साफ कर दिया है कि वह एक सिस्टम तैयार करना चाहते हैं और उसके बाद ही लोगों की शिकायतें स्वीकार की जाएंगी।
रविवार को उन्होंने कहा, ‘मैं आपको कोई झूठा दिलासा नहीं देना चाहता हूं। पहले मैं सिस्टम तैयार करूंगा और उसके बाद ही हम लोगों की शिकायतों को स्वीकार करेंगे।’
रविवार को ‘आप’ के कौशांबी कार्यालय पर जनता दरबार नहीं लगने पर लोग अपनी शिकायत लेकर केजरीवाल के घर पहुंचे।
केजरीवाल ने लोगों से कहा कि सिस्टम बन जाने के बाद ही लोगों की शिकायतों का समाधान संभव हो सकेगा। इसके लिए उन्हें जनता का सहयोग चाहिए, बिना सहयोग के समस्याओं का समाधान कठिन होगा।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (डीटीसी) में संविदा पर काम कर रहे करीब ढाई सौ कर्मचारी संविदा सिस्टम को खत्म करने की मांग लेकर उनके पास पहुंचे थे।
कर्मचारी अपनी 16 सूत्रीय मांगों को लेकर केजरीवाल के पास गए थे। कर्मचारियों ने वंदेमातरम और केजरीवाल जिंदाबाद के नारे लगाए।
डीटीसी संविदा कर्मियों की मांग थी कि संविदा प्रणाली को समाप्त किया जाए। कई वर्षों से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी किया जाए।
केजरीवाल ने डीटीसी कर्मचारियों की शिकायत ली और उनसे कहा कि थोड़ा वक्त दीजिए, उनकी समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाएगा।