जन लोकपाल बिल पर केंद्र सरकार से तलवारबाजी कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को अपने तरकश से एक और तीर निकाला और निशाना लगाया यूपीए सरकार और देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी की तरफ।
इस संवाददाता सम्मेलन से पहले कहा जा रहा था कि आम आदमी पार्टी इसमें विपक्ष के किसी बड़े नेता को लपेट सकती है और कयास थे कि यह कोई और नहीं, बल्कि भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी होंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपना बयान देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर हमला बोला, विपक्ष को आड़े हाथों लिया और साथ ही मीडिया पर भी बिकने की तोहमत लगाई। उन्होंने चुनावों से ऐन पहले गैस के दाम बढ़ाने की तैयारी को लेकर कुछ दिग्गजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। पढ़िए केजरीवाल ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या-क्या कहा?
जानबूझकर चुनावों से पहले बढ़े गैस के दाम!
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के चार 'महानुभावों' ने रिलायंस के खिलाफ मुझसे शिकायत की है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने केंद्र सरकार के मंत्रियों के साथ मिलकर साजिश रची है, जिसकी वजह से 1 अप्रैल से गैस के दाम बढ़ा दिए जाएंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी और सरकार की मिलीभगत की वजह से 1 डॉलर प्रति यूनिट की चीज के दाम बढ़कर 8 डॉलर प्रति यूनिट पहुंच जाएगा। साथ ही इन सभी ने मिलकर कोई न कोई तरीका हमेशा निकाला है कि निजी कंपनी को फायदा मिलता रहे।
उन्होंने कहा कि इसी कुएं से गैस निकाल रही रिलायंस की पार्टनर कंपनी 2.34 डॉलर पर बांग्लादेश में गैस बेच रही है, लेकिन हमारे देश के कुएं से निकलने वाली गैस हमें ही अप्रैल से 8 डॉलर की दर से मिलेगी।
'गैस महंगी, तो सब महंगा हो जाएगा'
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर गैस के दाम 8 डॉलर हो जाएंगे, तो आम जनता के लिए मुसीबत की बात होगी। उसका जीना दूभर हो जाएगा। सीएनजी महंगी हो जाएगी और उसकी वजह से ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ेंगे।
उन्होंने कहा कि यही गैस बिजली बनाने के लिए इलेक्ट्रिसिटी कंपनियां इस्तेमाल करती हैं, इसलिए बिजली महंगी हो जाएगी। साथ ही इससे खाद भी तैयार होती है, तो उर्वरक महंगा हो जाएगा और इसके कारण खाने के सामान की कीमतें बढ़ेंगी।
आम आदमी पार्टी के संयोजक ने कहा कि जानबूझकर ऐसी नीति बनाई कि रिलायंस कंपनी को 54 हजार करोड़ का फायदा हुआ, जबकि देश को नुकसान हुआ। वह इससे पहले भी रिलायंस और उसके मालिक मुकेश अंबानी पर हमला बोलते रहे हैं।
कांग्रेस को पैसा पहुंचा क्याः केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कैग ने अपने ऑडिट में लिखा है कि सरकार के साथ मिलकर जो गड़बड़ियां हुई, उससे रिलायंस को सवा लाख करोड़ का विंडफॉल लाभ हुआ है।
और अब एक बार फिर चुनावों से ऐन पहले जिस तरह गैस के दाम बढ़ाने की तैयारी की जा रही है, उससे सवाल पैदा होना लाजिमी है कि क्या अंबानी और नेताओं के बीच कोई डील हुई है।
केजरीवाल ने सवाल उठाया, "क्या कांग्रेस को कुछ पैसा पहुंचा? इस मामले पर विपक्षी दल चुप्पी साधे हैं, क्या उन्हें भी पैसा मिला है? क्या मीडिया को भी पैसा खिलाया गया है?"
दिग्गजों के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यह शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो के पास दर्ज कराई गई है और इस सिलसिले में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, "केंद्रीय मंत्री मुरली देवड़ा, वीरप्पा मोइली, डीजीएच के वीके सिब्बल, रिलायंस के मालिक मुकेश अंबानी, आरआईएल और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।"
केजरीवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री और मोइली को चिट्ठी भी लिखने जा रहे हैं, जिसमें तीन निवेदन किए जाएंगे। पहला निवेदन यह होगा कि अगर गैस के दाम बढ़ाकर आठ डॉलर प्रति यूनिट कर दिए गए, तो दिक्कत होगी। फिलहाल जांच जारी है, ऐसे में इस फैसले को टाला जाए।
दूसरा निवेदन यह होगा कि एफआईआर होने के बाद होने वाली जांच में सरकार के सभी मंत्रालय सहयोग दें। फाइलें मांगी जाए और समन भेजा जाए, तो जांच एजेंसी को सहयोग मिले। और तीसरा निवेदन यह है कि अगर मुकेश अंबानी की कंपनी गैस उत्पादन नहीं कर रही और मुनाफा बढ़ाने के लिए कृत्रिम कमी दिखा रही है, तो दूसरी सरकारी कंपनियों को यह काम क्यों नहीं सौंपा जाता?
उप-राज्यपाल से मांगा सहयोग
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि महंगाई भ्रष्टाचार की वजह से है, इसलिए भ्रष्टाचार से सख्ती से निपटना होगा। यह निर्णायक लड़ाई है और भ्रष्टाचार की गंगा सबसे ऊपर से शुरू होती है। ऐसे में छोटे अफसर को बलि का बकरा बना दिया जाता है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई केवल उनकी नहीं, बल्कि सभी की है। उन्होंने देश के दूसरे राज्यों से भी सहयोग मांगा और कहा कि ईमानदार अफसरों की टीम तैयार हो, ताकि जांच हो सके।
केजरीवाल ने कहा कि उप-राज्यपाल का दिल्ली सरकार को सपोर्ट मिलता रहा है, ऐसे में वह उनसे भी निवेदन करेंगे उन्हें मदद मिलती रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच में सहयोग देने के लिए सीबीडीटी से अफसर मांगे गए हैं, क्योंकि यह रेवेन्यू का मामला है।