आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने शीला दीक्षित सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है।
यमुना किनारे कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले 61.59 एकड़ में बने मिलेनियम डिपो को हटाने का फैसला लिया गया है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने डिपो को हटाने की बजाय इसका लैंड यूज ओ जोन से बदलकर ट्रांसपोर्ट जोन करने का फैसला किया था।
न्यायालय की अवमानना के एक मामले में बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार कोर्ट को यह बताने जा रही है कि मिलेनियम डिपो यमुना किनारे से हटा दिया जाएगा लेकिन जमीन खोजने के लिए उसे थोड़ा समय चाहिए।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मिलेनियम डिपो के संबंध में बुधवार को बैठक की। बैठक के बाद केजरीवाल ने बताया कि पूर्व की सरकार के फैसले को बदल दिया गया है। यमुना नदी या उसके किनारे से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
दरअसल यमुना किनारे निर्माण का हवाला देकर जनहित याचिका दाखिल की गई थी।
कोर्ट ने 13 सितंबर, 2012 को दो याचिकाओं का निपटारा करते हुए डीटीसी को 6 महीने में लैंड यूज बदलने अथवा डिपो हटाने का फैसला करने को कहा था, लेकिन सरकार कोई फैसला नहीं ले सकी।
इस बीच तत्कालीन उपराज्यपाल ने मास्टर प्लान और लैंड यूज बदलने की जन सूचना जारी कर दी और शहरी विकास मंत्रालय को अधिसूचना जारी करने को फाइल भेज दी, तब से मामला लंबित है।