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सियासी चमत्कारः केजरीवाल भी चाहते हैं मोदी बनें PM

Thu, 13 Mar 2014 11:38 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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आम आदमी पार्टी और उसके नेता अरविंद केजरीवाल इन दिनों भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर खास तौर पर बरस रहे हैं। हाल में वह गुजरात दौरे से लौटे हैं और मोदी के विकास संबंधी दावों की हवा निकालने की बात कर रहे हैं।
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लोकसभा चुनाव सिर पर आते ही केजरीवाल ने देश के सामने खड़ी सबसे बड़ी समस्याओं के रूप में भ्रष्टाचार के साथ साम्प्रदायिकता भी जोड़ा और जाहिर है, इसका निशाना मोदी की तरफ रहा होगा।

लेकिन देश के सियासी ड्रामे में इससे बड़ा एंटी-क्लाइमैक्स शायद ही पेश आया है। अरविंद केजरीवाल से जब पूछा गया कि देश का अगला प्रधानमंत्री कौन बनना चाहिए, तो उनका जवाब हैरानी में डालने वाला था।
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मायावती थीं दूसरा विकल्प

मुंबई में फाइनेंशियल मार्केट के प्रतिनिधियों से बंद कमरे में हुई मुलाकात में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी में से किसी एक को पीएम के रूप में चुनने की बात आएगी, तो वो मोदी को चुनेंगे।

ईटी के मुताबिक उन्होंने यह साफ कर दिया कि अगर उनके सिर पर कोई बंदूक रखकर इन दोनों विकल्प में से कोई एक चुनने को बोलेगा, तो वह भाजपा के दावेदार को चुनेंगे।

यह सवाल गुजरात अंबुजा के पूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर और ‌इनवेस्टमेंट एडवाइजरी कंपनी इकान एडवाइजर्स के संस्‍थापक सीईओ अनिल सिंघवी ने आम आदमी पार्टी के नेता से पूछा था।

मजबूर करने पर चुना विकल्प

निवेशक समुदाय के साथ अपनी पहली मुलाकात में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव स्पष्ट बहुमत सामने नहीं रखेंगे, जिस पर सिंघवी ने सवाल किया कि वह मोदी या मायावती में से किसे चुनेंगे।

सिंघवी ने बताया, "पहले केजरीवाल ने कहा कि वो इन दोनों में से किसी का चुनाव नहीं करेंगे। लेकिन मैंने जोर दिया और कहा कि देश को पीएम की जरूरत होगी, तो उन्होंने कहा कि अगर मजबूर किया जाए, तो वो मोदी को चुनेंगे।"

हालांकि, केजरीवाल ने यह नहीं बताया कि वह मोदी को क्यों चुनेंगे? केजरीवाल की इस टिप्पणी सिंघवी खासे प्रभावित हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री के तौर पर केजरीवाल ने बिजनेस कम्युनिटी के मन में निराशा पैदा कर दी थी और इस बार वो ईमानदारी से पेश आए।

बिजनेस जगत ने की तारीफ

इस बैठक में मौजूद स्टॉक ब्रोकर रामदेव अग्रवाल ने केजरीवाल की प्रतिबद्धता की तारीफ की, जिसके जरिए वह सिस्टम से भ्रष्टाचार को मिटाना चाहते हैं। केजरीवाल ने मोदी को चुना, इसके अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं।

उनके आलोचक इस बयान को AAP नेता की मौकापरस्त टिप्पणी के रूप में देख सकते हैं। जैसा देश, वैसा भेष पर यकीन करने वो केजरीवाल कारोबारी समुदाय को और दुखी करने की गुंजाइश नहीं रखते।

जाहिर है, आम आदमी पार्टी की आर्थिक नीतियों को लेकर जो डर है, उसकी वजह से स्टॉक मार्केट कई बार कांप चुका है और ऐसा माना जा रहा था कि उनका सत्ता में आना भारतीय अर्थव्यवस्‍था के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए शायद वो कुछ बदलाव कर रहे हैं।

क्या यह केजरी की नई रणनीति है?

एक सोच यह भी है कि अरविंद केजरीवाल इस तरह के बयान देकर कारोबारी समुदाय में मोदी की पैठ को कुछ कम करना चाहते हैं और वहां अपनी जगह बनाने की कोशिश में हैं।

कारोबारी समाज के कई लोग केजरीवाल और उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे में यह टिप्पणी उन लोगों के लिए हो सकती है, जो बीच में हैं।

इस बयान को एक सबूत के रूप में भी देखा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी राजनीतिक दल के रूप में ढल चुका है और वे दूसरे दलों से अलग नहीं है। देश में कोई सियासी दल बिना कारोबारी समुदाय के समर्थन के नहीं चल सकता है। शायद केजरीवाल को यह बात समझ आ गई है।

रिटेल एफडीआई पर AAP का सवाल

सिंघवी के मुताबिक आम आदमी पार्टी देश की आर्थिक समस्याओं को लेकर कोई समुचित रणनीति भले न रखती हो, लेकिन वह वक्त के साथ बदल सकती है, परिपक्व हो सकती है।

इस बैठक में कारोबारी जगत के मधुसूदन केला, अजय श्रीनिवासन, मिलिंद बरवे और प्रशांत जैन मौजूद थे। श्रोताओं में मौजूद ज्यादातर लोग केजरीवाल की इस बात से प्रभावित दिखे कि सरकार का काम कारोबार करना नहीं है और सत्तारूढ़ दल की जिम्मेदारी जवाबदेही के साथ उच्च किस्म का प्रशासन होना चाहिए।

रिटेल में एफडीआई के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "मैंने रिटेल में एफडीआई का समर्थन करने के लिए पांच अच्छे कारण बताने को कहा। अब तक मुझे एक भी नहीं मिला है...।"
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केजरीवाल ने खबर को बताया फर्जी

केजरीवाल ने मोदी का पक्ष लेने वाली खबर को फर्जी करार दे दिया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि,"टीवी चैनल्स पर चल रहा है कि केजरीवाल ने कहा कि मोदी और मायावती के बीच में मैं मोदी को प्रफर करूंगा। मैंने ऐसा कभी नहीं कहा।"

उन्होंने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि," पता नहीं क्यों कुछ टीवी चैनल प्रो-मोदी खबरों के लिए डिस्परेट होते हैं।"

केजरीवाल ने तीसरा ट्वीट भी किया जिसमें उन्होंने लिखा कि,"ये मोदी के फेवर में लिखा गया फिक्शन है। ऐसे तो मोदी को वोट नहीं मिलने वाले।"
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