फटाफट क्रिकेट का पहला संस्करण बेहद कामयाब रहा था, खासकर टीम इंडिया के लिए। 24 साल बाद धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने क्रिकेट में वर्ल्ड चैंपियन बनने का ख्वाब पूरा किया।
भारतीय प्रशंसकों को आस थी कि अगले वर्ल्ड कप में भी धोनी ब्रिगेड कमाल दिखाएगी। टीम पूरे जोश-खरोश के साथ मैदान पर उतरी लेकिन भारतीय सूरमाओं के लिए यह टूर्नामेंट उतना आसान नहीं रहा जिसका उन्होंने आकलन किया और अपने खिताब को बचाने में नाकाम रही।
अब जबकि टी-20 वर्ल्ड कप का पांचवां संस्करण अगले हफ्ते से शुरू हो रहा है। पेश हैं, आपके समक्ष 2009 टी-20 वर्ल्ड कप के कुछ खास लम्हें।
16 साल बाद पाक को मिली क्रिकेट की बादशाहत
ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप के पहले संस्करण में चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के हाथों फाइनल में हारकर खिताब से चूकने वाली पाकिस्तान टीम आखिरकार चैंपियन बनने में सफल रही।
टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा संस्करण 2009 में इंग्लैंड में आयोजित किया गया। टूर्नामेंट का फाइनल पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया, जिसमें पाक टीम ने श्रीलंका को आठ विकेट से हराते हुए खिताब पर कब्जा जमा लिया। इसके साथ ही पाक टीम ने 16 साल बाद क्रिकेट में वर्ल्ड विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
इससे पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को इमरान खान की अगुवाई में 1992 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनने का गौरव हासिल हुआ था। उसने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हुए वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को हराया था।
फिसड्डी साबित हुई गत चैंपियन टीम इंडिया
खिताब बचाने उतरी गत चैंपियन भारत का प्रदर्शन इस बार बेहद खराब रहा और वह सुपर-8 की बाधा भी पार नहीं कर सका।
हालांकि 12 देशों के इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी रही थी और उसने बांग्लादेश को 25 रन से और आयरलैंड को आठ विकेट से हराया था।
टूर्नामेंट में शुरुआती चरण में छोटी टीमों को हराने वाली टीम इंडिया को सुपर-8 में अपने तीनों मुकाबले में शिकस्त झेलनी पड़ी। भारत को वेस्ट इंडीज, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका ने हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। हालांकि इस बार भारत और पाकिस्तान का आमना-सामना नहीं हुआ था।
महिला वर्ल्ड कप का हुआ आगाज
इस वर्ल्ड कप के साथ आईसीसी ने महिला टी-20 वर्ल्ड की भी शुरुआत की जिसमें कुल आठ टीमों ने शिरकत की।
मेजबान इंग्लैंड टीम ने फाइनल में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर खिताब जीता। भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों 52 रन से हाकर थम गया।
ऑस्ट्रेलिया की एमी वाटकिंस ने टूर्नामेंट में पांच मैचों में सर्वाधिक 200 रन बनाए जबकि इंग्लैंड की गेंदबाज होली कोलविन ने पांच मैचों में सर्वाधिक नौ विकेट चटकाए।
2009 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के 5 रोचक तथ्य
2007 की तरह 2009 में भी टी-20 वर्ल्ड कप काफी सफल रहा। हालांकि भारत के सुपर-आठ से ही बाहर हो जाने से प्रशंसकों में थोड़ा उत्साह कम जरूर हुआ लेकिन पाकिस्तान और श्रीलंका ने फाइनल में पहुंचकर भारतीय उपमहाद्वीप में टूर्नामेंट का रोमांच बनाए रखा।
इसके अलावा टूर्नामेंट में कई खास बातें हुईं।
12 देशों के टूर्नामेंट में कुल 27 मैच खेले गए।
श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 317 रन बनाए।
पाकिस्तान के उमर गुल ने सर्वाधिक 13 विकेट झटके।
भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह ने सबसे ज्यादा 9 छक्के लगाए।
तिलकरत्ने दिलशान को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।