सियासत के पारंपरिक औजारों में अरविंद केजरीवाल ने नया औजार जोड़ा है- माफी।
दौसा के किसान गजेंद्र सिंह की मौत के 43 घंटे बाद उन्होंने माफी मांग ली। चंद महीने पहले दिल्ली विधानसभा चुनावों में उन्होंने कई बार माफी मांगी थी। पिछले वर्ष उन्होंने दिल्ली मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जनलोकपाल के मुद्दे पर 49 दिनों पुरानी सरकार गिराकर उन्होंने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरु कर दी थी।
आम आदमी पार्टी 300 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था, हालांकि पार्टी अधिकांश सीटों पर औंधे मुंह गिरी। अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के उस समय के अधिकांश बड़े चेहरे चुनाव हार गए थे।
लोकसभा चुनाव की करारी हार के बाद केजरीवाल दिल्ली की राजनीति में वापस लौटे। राज्य में अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए केजरीवाल ने सियसत का बिलकुल ही नया दांव चला- माफी।
गजेंद्र की मां ने केजरीवाल को लताड़ा
केजरीवाल ने चुनावी जनसभाओं में, टेलीविजन कार्यक्रमों में दिल्ली की जनता से माफी मांगी। केजरीवाल की माफी का दांव रंग भी लाया। विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 70 में से 67 सीटों पर फतह पाई।
हालांकि अरविंद केजरीवाल की माफी क्या इस बार भी काफी होगी?
गजेंद्र सिंह की मौत पर अफसोस जताते हुए उन्होंने शुक्रवार को कहा कि मुझसे गलती हो गई, मुझे उस दिन रैली खत्म कर देनी चाहिए थी। मैंने अपना भाषण जारी रखा, इसके लिए मुझे खेद है। किसी की भावनाओं को ठेस लगी हो तो मैं माफी मांगता हूं।
केजरीवाल की माफी की खबर गजेंद्र के परिजनों तक पहुंची तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। गजेंद्र की मां ने कहा, 'माफी मांगने से क्या होगा। हमारे यहां तो चींटी को भी नहीं मारते।'
गजेंद्र की बहन ने कहा, 'केजरीवाल आज माफी मांग रहे हैं, उस दिन चाहते तो मेरे भाई को बचा सकते थे।'
केजरीवाल की माफी से क्या फर्क पड़ेगा?
उल्लेखनीय है कि बुधवार को आम आदमी पार्टी की सभा में दौसा के किसान गजेंद्र सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली गजेंद्र ने जिस समय पेड़ पर चढ़कर फांसी लगाई, नीचे आम आदमी पार्टी के नेताओं का भाषण चल रहा था।
पेड़ से नीचे उतारकर गजेंद्र को जब अस्पताल भेजा गया, उसके बाद भी आप नेताओं को भाषण चलता रहा। यहां तक की गजेंद्र की मौत की पुष्टि हो जाने के बाद भी आप नेताओं ने जंतरमंतर पर सभा जारी रखी।
गुरुवार को लोकसभा में दिए बयान में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि गजेंद्र सिंह जिस समय पेड़ पर चढ़ा, उसे नीचे से तालिया बाजा कर और नारे लगाकर उकसाया जा रहा था। आम आदमी पार्टी ने गृहमंत्री के आरोपों को खारिज कर दिया।
फिलहाल दिल्ली पुलिस ने गजेंद्र की हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच के बाद ही ये तय हो पाएगा कि गजेंद्र की हत्या का वास्तविक दोषी कौन है? लेकिन माफी मांगने से क्या होगा? माफी मांगकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तो पाई जा सकती है, लेकिन क्या किसी का जीवन भी पाया जा सकता है?