आपदा से लगभग तबाह हो चुके केदारनाथ शहर को नए सिरे से बसाया जाएगा। मंदिर को छोड़ बाकी सभी पुरानी इमारतों को ढहाकर इस धार्मिक शहर का पुनर्निर्माण होगा।
इतना ही नहीं उत्तराखंड के 300 गांवों को भी दूसरे सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाएगा। उत्तराखंड सरकार ने हाल की आपदा के बाद अब राहत, पुनर्वास व पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र से लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज मांगा है।
उत्तराखंड पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गठित कैबिनेट समिति ने नया केदारनाथ शहर बसाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है।
'शहरों के विकास मॉडल को पहाड़ों पर मत ले जाइए'
समिति की पहली बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आपदा से हुए जानमाल के नुकसान और राहत व पुनर्वास योजना को लेकर विस्तार से प्रस्तुति पेश की और केदारनाथ धाम के लिए विशेष पैकेज की मांग की।
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बहुगुणा को भरोसा दिया कि उत्तराखंड के लिए पैसे की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
नया केदारनाथ शहर बसाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार निर्माण की रूपरेखा तैयार करेगी। उत्तराखंड सरकार ने केंद्र सरकार से प्रदेश के 300 गांवों को दूसरे सुरक्षित स्थानों पर बसाने की योजना की जानकारी दी।
केदारनाथः रुद्रप्रयाग के एसडीएम मंदाकिनी में बहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आईएएस अफसरों की भारी कमी है, इसलिए केंद्र से डेपुटेशन पर अफसर भेजे जाएं। पहाड़ी क्षेत्रों में राजस्व पुलिस की जगह रेगुलर पुलिस नियुक्त करने की भी योजना है।
उत्तराखंड में तत्काल रोजगार उपलब्ध कराने के लिए केंद्र से सेना, आईटीबीपी और एनडीआरएफ के लिए भर्ती कराने का भी सरकार ने आग्रह किया गया है। इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव सुभाष कुमार भी मौजूद थे।
15 अगस्त दे दिया जाएगा मुआवजा
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि सरकारी औपचारिकताएं पूरी हो जाने के बाद 15 अगस्त तक इस त्रासदी में मारे गए व लापता लोगों के परिजनों को मुआवजा दे दिया जाएगा।
पूजा पर 2 अगस्त को होगा फैसला
केदारनाथमंदिर में पूजा अर्चना को लेकर दो अगस्त को मंदिर समिति की बैठक बुलाई गई है। इसमें शंकराचार्य के प्रतिनिधि व मंदिर के रावल भी शामिल होंगे। बैठक में जो भी तिथि तय होगी, उसी दिन से मंदिर में पूजा शुरू कर दी जाएगी।
‘इस धार्मिक शहर का पुनर्निर्माण वैज्ञानिक व सुरक्षित मानकों के तहत किया जाएगा। प्रदेश सरकार एक गांव को मॉडल के तौर पर बसाएगी व फिर गांवों को बसाने के इच्छुक कॉरपोरेट सेक्टर, पीएसयू आदि उसी मॉडल के तहत गांव बसा सकेंगे।’--विजय बहुगुणा, मुख्यमंत्री उत्तराखंड
केंद्र सरकार से मांगी राहतः-
--8000 करोड़ दूसरे सुरक्षित स्थानों पर गांवों को बसाने के लिए।
--5500 करोड़ राहत व पुनर्वास के लिए।
--100 करोड़ पशुधन के लिए।
--100 करोड़ व्यवसायिक संपत्ति के नुकसान भरपाई के लिए।
--200 करोड़ सुरक्षित शरण स्थली के लिए।